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पंजाब में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले भी सुरक्षित नहीं : सुनील जाखड़

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चंडीगढ़, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार, कानून-व्यवस्था की स्थिति और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं।

भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि परविंदर सिंह झोटा ने फार्मास्युटिकल ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाई थी और इसके लिए उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। यह पहली ऐसी घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को इसके परिणाम भुगतने पड़े हैं।

जाखड़ ने कहा, “पंजाब में नशे के खिलाफ बोलने के कारण लोगों की हत्या किए जाने, उन्हें प्रताड़ित किए जाने और आत्महत्या के लिए मजबूर होने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसी घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या नशे की ओवरडोज से मरने वालों की संख्या से भी अधिक है।”

भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में पुलिसकर्मियों की जान भी लगातार जा रही है। पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और सरकार इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रही है।

पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर जाखड़ ने आरोप लगाया कि राज्य में शासन व्यवस्था की जगह अरविंद केजरीवाल की प्राथमिकताएं हावी हैं। केजरीवाल कम समय में अधिक से अधिक पैसा इकट्ठा करना चाहते हैं और पंजाब की संपत्ति अपने साथ ले जाना चाहते हैं।

जाखड़ ने कहा कि अब केवल 100 दिन शेष हैं और जिम्मेदार लोगों को उनके कथित कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने भगवंत मान के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के खिलाफ हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी तरह अन्य अधिकारियों और राजनीतिक पदाधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति भाग सकता है, लेकिन छिप नहीं सकता। पंजाब में कथित संसाधनों के दोहन और अन्य अनियमितताओं के लिए संबंधित लोगों को जवाब देना होगा। ये सभी आरोप जाखड़ ने राजनीतिक बयान के दौरान लगाए हैं।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी विवाद पर जाखड़ ने पंजाब कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि यह पंजाब और विशेष रूप से कांग्रेस के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। पंजाब कांग्रेस दिल्ली के नेतृत्व के निर्देशों पर काम कर रही है और उसकी राजनीतिक स्वतंत्रता प्रभावित हुई है।

जाखड़ ने कहा कि देश के अन्य हिस्सों में कांग्रेस और विपक्षी दल एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, लेकिन पंजाब में अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद स्थिति अलग दिखाई दी। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस के नेताओं द्वारा मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को बधाई दिए जाने से पार्टी की स्थिति पर सवाल खड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब भी भारतीय संविधान के तहत देश के अन्य राज्यों की तरह ही कानूनों का पालन करता है और यहां भी एसआईआर की वही प्रक्रिया लागू की जा रही है, जो देश के अन्य हिस्सों में अपनाई गई है।