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भारतीय सेना ने जनरल धीरज सेठ को हटाए जाने के ‘दावे’ को किया खारिज, बताया पाकिस्तान का दुष्प्रचार

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नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय सेना ने सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक दावों का खंडन किया है। सेना के अनुसार, कुछ पाकिस्तान समर्थित सोशल मीडिया अकाउंट्स सेना प्रमुख को लेकर झूठा दावा कर रहे हैं। इन सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह अफवाह फैलाने की कोशिश की गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कथित बयान देने के कारण जनरल धीरज सेठ को पद से हटाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, भारतीय सेना ने इसका खंडन करते हुए इसे दुष्प्रचार बताया है।

सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा जा रहा है कि सेना के अधिकारियों को सेना प्रमुख के आदेशों का पालन नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। सेना ने स्पष्ट किया है कि यह पोस्ट पूरी तरह से निराधार है व केवल झूठ पर आधारित है। भारतीय सेना के फैक्ट चेक संदेश के अनुसार, ये दावे पूरी तरह मनगढ़ंत हैं और इन्हें सेना के खिलाफ दुष्प्रचार अभियान के तहत फैलाया जा रहा है। सेना ने कहा कि इस तरह की भ्रामक सामग्री का उद्देश्य सैन्य नेतृत्व को लेकर गलत जानकारी फैलाना और सेना के भीतर मतभेद होने की झूठी धारणा पैदा करना है।

सेना ने इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की ओर ध्यान दिलाया है। संदेश में इंडियनतिवारी01 और दीक्षाशर्मा03 नाम के खातों का उल्लेख किया गया है। सेना के अनुसार, ये खाते भारत के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को लेकर भ्रामक आरोप प्रसारित कर रहे हैं। सेना ने लोगों को आगाह किया है कि अपुष्ट राजनीतिक आरोपों, सैन्य आदेशों की अवहेलना से जुड़े मनगढ़ंत दावों और सेना में आंतरिक मतभेदों की झूठी कहानियों को सच मानकर आगे न फैलाएं।

सेना का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली हर खबर पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि करना जरूरी है।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर भारतीय सेना से जुड़ा एक ऐसा ही दस्तावेज फैक्ट चैक में पूरी तरह से फर्जी पाया गया था। सेना ने इसकी पुष्टि करते हुए को दस्तावेज को फर्जी बताया था। इस जाली दस्तावेज में दावा किया जा रहा था कि भारतीय सेना की 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, लेफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। साथ ही यह भी दावा किया गया कि उन्हें तत्काल प्रभाव से मुख्यालय में रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है। यह झूठ पाकिस्तान समर्थित सोशल मीडिया प्लेटफार्म से फैलाया गया था।

भारतीय सेना के अनुसार, कुछ पाकिस्तान समर्थित प्रॉपेगेंडा एकाउंट्स ने इस फर्जी दस्तावेज को प्रसारित करते हुए इसे पाकिस्तान के सैन्य अधिकारी की कथित प्रेस कॉन्फ्रेंस से जोड़ने की कोशिश की। दस्तावेज के आधार पर यह माहौल बनाने का प्रयास किया गया कि लेफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह को पाकिस्तान की प्रेसवार्ता के बाद 15वीं कोर की कमान से हटा दिया गया है। हालांकि, यह बात पूरी तरह से निराधार थी।