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ओडिशा एसआई भर्ती पेपर लीक मामला: ईडी ने 12 ठिकानों पर मारा छापा, सिलिकॉन टेकलैब समेत 3 कंपनियां रडार पर

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भुवनेश्वर, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2024 का प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के भुवनेश्वर जोनल ऑफिस ने 9, 10 और 12 अक्टूबर को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 12 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिवाइस और रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।

यह कार्रवाई पीएमएलए, 2002 के तहत की गई है। ईडी ने जिन कंपनियों के परिसरों की तलाशी ली, उनमें मेसर्स सिलिकॉन टेकलैब प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स पीएसआईएल इंटरनेशनल लिमिटेड और उनके निदेशकों व अन्य संबंधित लोगों के ठिकाने शामिल हैं।

यह पूरा मामला अक्टूबर 2025 में ओडिशा पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है। 30 सितंबर 2025 को ओडिशा पुलिस ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा पर स्थित इच्छापुरम के पास तीन बसों को रोका था, जिनमें एसआई भर्ती परीक्षा के 114 उम्मीदवार सवार थे। आरोप है कि 5 और 6 अक्टूबर 2025 को होने वाली परीक्षा का पेपर प्रति उम्मीदवार 15 से 30 लाख रुपए नकद के बदले लीक किया गया था। बाद में यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था।

जांच में सामने आया कि पेपर उन लोगों ने लीक किया था जो परीक्षा आयोजित करने का काम संभालने वाली संस्थाओं से जुड़े थे। उम्मीदवारों से उनके सहयोगियों ने संपर्क किया और पैसे के बदले प्रश्न पत्र देने का लालच दिया, साथ ही गारंटी के तौर पर उनके असली सर्टिफिकेट भी ले लिए गए। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, मार्च 2025 में भी जब यही परीक्षा आयोजित होने वाली थी, तब भी कई अनियमितताएं हुई थीं, जिसके बाद ओडिशा पुलिस भर्ती बोर्ड (ओपीआरबी) ने परीक्षा रद्द कर दी थी।

ईडी की तलाशी में बड़ा खुलासा हुआ है। ओपीआरबी ने परीक्षा आयोजित करने का काम केंद्र सरकार के पीएसयू आईटीआई लिमिटेड को सौंपा था। आईटीआई लिमिटेड ने आगे यह काम भुवनेश्वर स्थित सिलिकॉन टेकलैब प्राइवेट लिमिटेड (एसटीपीएल) को दे दिया।

हालांकि, एसटीपीएल के डायरेक्टर सुरेश चंद्र नायक ने आईटीआई लिमिटेड की लिखित मंजूरी के बिना ही उम्मीदवारों की संवेदनशील जानकारी संभालने के लिए तीसरी पार्टी पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को काम पर रख लिया। इसमें पंचसॉफ्ट के डायरेक्टर शंकर प्रुस्टी की भी मिलीभगत थी। इसके बाद इन दोनों कंपनियों से जुड़े लोगों ने उम्मीदवारों को इकट्ठा कर पैसे के बदले पेपर लीक किया।

जांच में एसटीपीएल और पंचसॉफ्ट के बीच परीक्षा प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कई लेन-देन का पता चला है, जो उनकी मिलीभगत को साबित करता है।

ईडी ने यह भी पाया कि सिलिकॉन टेकलैब की ज्यादातर हिस्सेदारी पीएसआईएल इंटरनेशनल लिमिटेड और उसके डायरेक्टर समीर रथ और उनकी पत्नी शाश्वती मिश्रा ने 5 अगस्त 2023 के एक शेयर खरीद समझौते के तहत ले ली थी। यह समझौता कभी रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास जमा ही नहीं किया गया। पीएसआईएल के डायरेक्टरों के कंट्रोल लेने के बाद भी सुरेश चंद्र नायक एसटीपीएल में डायरेक्टर बने रहे और बिना अधिकार के आईटीआई लिमिटेड के साथ बातचीत कर पेपर तक पहुंच बना ली।

ईडी का कहना है कि यह पेपर लीक एक सुनियोजित साजिश थी और इसमें भारी मात्रा में नकद अवैध कमाई की गई थी। मामले में आगे की जांच जारी है।