SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय पाकिस्तान ने कोई भी आतंकी हरकत की तो पिछली बार से भी...

पाकिस्तान ने कोई भी आतंकी हरकत की तो पिछली बार से भी बड़ा प्रहार होगा : राजनाथ सिंह

0
10

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि यदि आगे पाकिस्तान की तरफ से कोई भी आतंकी हरकत हुई तो पिछली बार से भी बड़ा प्रहार होगा। उन्होंने कहा कि जब-जब आतंकवादियों ने भारत की धरती को लहूलुहान करने की कोशिश की, तब-तब भारत ने करारा जवाब दिया है। उस जवाब की गूंज आज तक आतंकवादियों के आकाओं को सुनाई देती होगी। आप याद कीजिए 2016 में उरी आतंकवादी हमले के बाद हमारे वीर जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक की थीं और आतंकवादियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था।

राजनाथ सिंह ने कहा, ”ऑपरेशन सिंदूर के बारे में हम सब जानते हैं। वह अपने आप में तकनीक आधारित युद्ध का एक शानदार नमूना था। इस अभियान में आकाश तीर, आकाश मिसाइल प्रणाली और ब्रह्मोस जैसी उन्नत मिसाइल प्रणालियों के साथ-साथ कई अत्याधुनिक उपकरणों का भी उपयोग किया गया। इसने साबित किया कि हमारी सेनाएं बदलाव को समझ भी रही हैं और उसका आत्मविश्वास के साथ उपयोग भी कर रही हैं।”

उन्होंने कहा कि आज भारतीय सेना के शस्त्र भंडार में 175 में से 159 प्रकार के गोला-बारूद स्वदेशी हैं। यानी गोला-बारूद के प्रकारों में हमने 90 प्रतिशत से अधिक आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है। रक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2013-14 में भारत से होने वाला रक्षा निर्यात केवल 686 करोड़ रुपये का था। वह आज 2025-26 में बढ़कर 38,000 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। करीब 200 देशों को हमारे देश में बने रक्षा उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है। भारत का केवल रक्षा निर्यात ही नहीं बढ़ा है। मैं मानता हूं कि इससे भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। भारत की विश्वसनीयता बढ़ी है। भारतीय तकनीक पर दुनिया का भरोसा बढ़ा है।

राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारा लक्ष्य एक ऐसे भारत का निर्माण है जो शांति का पक्षधर होने के साथ-साथ अपनी सुरक्षा के प्रति सजग हो और अपनी संप्रभुता, अखंडता तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम भी हो। देश की सुरक्षा केवल हमारी सेनाओं की तैयारी की तस्वीर मात्र नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के संकल्प और सामर्थ्य का भी प्रतिबिंब है। शांति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पूरी तरह बरकरार है, मगर भारत की सेनाएं हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब वह केवल एक विकसित देश ही नहीं होगा, बल्कि प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था, रक्षा और ऐसे विभिन्न क्षेत्रों में आत्मविश्वास के साथ दुनिया का नेतृत्व भी करेगा। आज हम एक ऐसा रक्षा तंत्र तैयार कर रहे हैं, जो देश की सुरक्षा को मजबूत करे, अर्थव्यवस्था को गति दे और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था में भारत की भूमिका को और अधिक मजबूत बनाए। एक समय था, जब रक्षा क्षेत्र में छोटी-छोटी और बड़ी-बड़ी हर जरूरत के लिए हम बाहर की ओर देखते थे। हम आयात पर निर्भर थे। लेकिन आज तस्वीर बदल रही है। आज हम छोटी जरूरतों से लेकर बड़े और अत्याधुनिक रक्षा तंत्र तक, अपने देश में बनाने की क्षमता विकसित कर रहे हैं।”

रक्षा मंत्री का कहना है कि आज रक्षा खरीद में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम हो रहा है। हमारी रक्षा क्षमताओं का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है और स्वदेशीकरण भी। भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी उद्यमशीलता की भावना है। आज रक्षा उत्पादन केवल सार्वजनिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। आज हमारे साथ रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हैं, जो कंपनीकरण के बाद घाटे में चलने वाली इकाइयों की जगह लाभ कमाने वाली इकाइयां बन चुके हैं। 16 हजार से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम हैं। हजारों आपूर्ति इकाइयां हैं। देशभर में नवाचार केंद्र हैं। यही भारत का नया रक्षा औद्योगिक परिवार है।

उन्होंने कहा कि आज रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन केवल रक्षा अनुसंधान और विकास करने वाला संस्थान नहीं है। वह उद्योगों, विश्वविद्यालयों, नवोदित उद्यमों और वैज्ञानिकों को जोड़ने वाला राष्ट्रीय नवाचार मंच बन चुका है। हमारा स्पष्ट लक्ष्य है कि हमारे नवोदित उद्यमों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को मजबूती दी जाए। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने इन उद्यमों से 2,400 करोड़ रुपए से अधिक की खरीदारी करने की मंजूरी दी है और नई तकनीक के विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए निर्धारित बजट का 75 प्रतिशत हिस्सा भारतीय उद्योगों से खरीद के लिए सुरक्षित किया गया है। जो नई रक्षा खरीद प्रक्रिया लाई जा रही है, उसमें कई बड़े सुधार किए गए हैं, जिनसे देश में रक्षा उत्पादन को नई रफ्तार और ताकत मिलेगी।