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    युवाओं को नई तकनीकों के साथ खुद को ढालना होगा, ‘विकसित भारत 2047’ में निभानी होगी बड़ी भूमिका : पीयूष गोयल

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    नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को छात्रों से अपने सीखने की जिम्मेदारी स्वयं लेने, उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुरूप खुद को तैयार करने और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

    राष्ट्रीय राजधानी एसआरसीसी के ‘सेंटेनरी कॉन्क्लेव’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि निरंतर प्रयास, बड़े लक्ष्य और नई चुनौतियों को स्वीकार करने की इच्छा ही युवाओं को ‘विकसित भारत 2047’ के विजन में योगदान देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर अवसर पैदा करने में सक्षम बनाएगी।

    उन्होंने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र में निवेश, नई तकनीकों को अपनाना और कौशल विकास भारत के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेंगे तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था में देश की स्थिति को और मजबूत बनाएंगे।

    मंत्री ने युवाओं से बदलते रोजगार परिदृश्य के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग से जुड़े कौशल विकसित करने चाहिए।

    उन्होंने कहा कि बड़े भाषा मॉडल (लार्ज लैंग्वेज मॉडल) और अन्य एआई प्रणालियों को ऐसे व्यावहारिक उपकरणों में बदलने की जरूरत है, जिनका उपयोग व्यवसाय और आम नागरिक आसानी से कर सकें।

    1990 और 2000 के दशक में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए गोयल ने युवाओं से केवल नई तकनीकों को अपनाने तक सीमित न रहने, बल्कि उनके विकास और उपयोग में अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया।

    गोयल ने निरंतर सीखने और व्यक्तिगत विकास के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कौशल वृद्धि को जीवनभर चलने वाली जिम्मेदारी के रूप में देखें और ऐसे उभरते अवसरों की पहचान करें, जो उन्हें व्यापार वृद्धि, कारोबार सुगमता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में योगदान देने का मौका दें।

    उन्होंने आगे कहा कि भारत के युवा तकनीकी प्रगति को विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक समाधानों में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    मंत्री ने भारत की संस्कृति, परंपराओं और विरासत की भूमिका का भी उल्लेख किया, जो देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने नागरिकों के बीच सामूहिक प्रयास और कर्तव्यबोध की आवश्यकता पर बल दिया।

    गोयल ने छात्रों से महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने और अपने व्यक्तिगत सपनों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देशवासियों के सामूहिक प्रयास भारत को एक प्रमुख वैश्विक शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

    इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने युवा भारतीयों की उद्यमशीलता भावना की भी सराहना की, विशेष रूप से उन स्टार्टअप संस्थापकों की, जो जोखिम उठा रहे हैं, चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं और नवाचार आधारित समाधान विकसित करने में जुटे हैं।