पटना, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे, जमीन और सरकारी नौकरी की मांग की है। उन्होंने हादसे के लिए सरकार की उदासीनता, नीतिगत विफलता और प्रशासनिक कुव्यवस्था को जिम्मेदार ठहराते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
तेजस्वी यादव ने 13 अक्टूबर की रात रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला में हुई दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि राघोपुर जैसे दियारा क्षेत्र में बुनियादी सड़क, संपर्क और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को आज भी जोखिम उठाकर नावों का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिंग रोड, रिंग बांध और पंचायतों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की योजनाओं के लिए पहले डीपीआर और लागत का आकलन कराया गया था, लेकिन इन परियोजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
पत्र में तेजस्वी ने हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य में कथित देरी तथा स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर समय से एंबुलेंस नहीं पहुंची और जब एंबुलेंस पहुंची तो उसमें ऑक्सीजन जैसी बुनियादी जीवनरक्षक सुविधा तक उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने वैशाली जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और बचाव दलों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई होती तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।
उन्होंने वर्ष 2017 में पटना के पतंग उत्सव के दौरान हुए हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि उसके बाद नाव परिचालन को लेकर दिशा-निर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई थी। इनमें सूर्यास्त के बाद नाव परिचालन पर रोक, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण और लाइफ जैकेट की अनिवार्यता जैसे प्रावधान शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं कराया गया।
राजद नेता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के प्रत्येक पीड़ित परिवार को तीन डिसमिल जमीन आवंटित की जाए और परिवार के कम से कम एक योग्य सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंने सामान्य अनुग्रह राशि के अतिरिक्त विशेष मुआवजा देने तथा पूरी घटना, बचाव कार्य में देरी और अस्पताल की अव्यवस्था की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की है।
पत्र में तेजस्वी ने लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित कर निलंबन सहित कड़ी कार्रवाई करने, मोहनपुर रेफरल अस्पताल में 48 घंटे के भीतर चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा आधुनिक उपकरण और जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
उन्होंने राघोपुर में ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस, एंबुलेंस बोट और एसडीआरएफ या एनडीआरएफ का स्थायी उपकेंद्र स्थापित करने की भी मांग की। साथ ही रिंग रोड, रिंग बांध और सड़क संपर्क परियोजनाओं को तत्काल मंजूरी देकर निर्माण शुरू कराने तथा नावों के सुरक्षित और नियमानुसार परिचालन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
