गुवाहाटी, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के नेता अमीनुल इस्लाम ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नगांव लोकसभा उपचुनाव में अपने उम्मीदवार देवाशीष शर्मा की जीत पक्की करने के लिए वोटों में हेरफेर की।
उन्होंने दावा किया कि मतदाता असल में एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को चुनना चाहते थे।
इस्लाम ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय एजेंटों के साथ मिलकर चुनाव नतीजों को प्रभावित करने के लिए फर्जी वोटिंग कराई।
उन्होंने दावा किया कि इन गड़बड़ियों में एक ही पोलिंग स्टेशन पर 16 से 20 एजेंटों को तैनात करना और असम के बाहर काम कर रहे लोगों के नाम पर वोट डालना शामिल था।
इस्लाम ने आगे आरोप लगाया कि राज्य के बाहर काम कर रहे मुसलमानों के एक से दो लाख वोट भाजपा उम्मीदवार को फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी तरीके से डाले गए।
इस्लाम ने आरोप लगाया, “लोगों ने मौलाना बदरुद्दीन अजमल को अपना सांसद चुना था, लेकिन भाजपा ने जबरदस्ती देवाशीष शर्मा की जीत सुनिश्चित कर दी।”
एआईयूडीएफ नेता ने समागुरी में अजमल के साथ एक धन्यवाद रैली में हिस्सा लेते हुए ये आरोप लगाए, जहां नेताओं ने अपना समर्थन देने के लिए मतदाताओं का आभार जताया।
हालांकि, चुनाव में हेराफेरी के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और रिपोर्ट में दिए गए बयानों में इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया गया है।
ये दावे नगांव लोकसभा उपचुनाव के नतीजों को लेकर एआईयूडीएफ और भाजपा के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच सामने आए हैं, जिसमें विपक्षी पार्टी ने शर्मा की जीत के हालात पर सवाल उठाए हैं।
6 अक्टूबर को हुए नगांव लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की निर्णायक जीत हुई। भाजपा उम्मीदवार देबाशीष शर्मा ने एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को 1,42,224 वोटों से हराया। शर्मा को 7,14,349 वोट मिले, जबकि अजमल को 5,72,125 वोट प्राप्त हुए। कांग्रेस उम्मीदवार सिबमोनी बोरा 1,29,492 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
यह उपचुनाव तब कराना पड़ा, जब कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया था।
