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परविंदर झोटा हत्याकांड: मानसा में परिजनों से मिलीं हरसिमरत कौर बादल, कांग्रेस-भाजपा भी भगवंत मान पर हमलावर

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चंडीगढ़/मानसा, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद राज्य सरकार सवालों के घेरे में हैं। शुक्रवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सरकार के संरक्षण में नशा तस्करों के हौसले बुलंद हैं, और जो कोई भी आवाज उठाता है, उसे गोली मार दी जाती है। राज्य की विपक्षी पार्टियों, भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने भी राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।

सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि परिवार बहुत गहरे दुख से गुजर रहा है और इस मुश्किल समय में पूरा पंजाब उनके साथ खड़ा है।

उन्होंने कहा, “यह उम्मीद करना ही गलती थी कि नशे के आदी मुख्यमंत्री नशे की समस्या को खत्म कर पाएंगे। आज पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सरकार के संरक्षण में नशा तस्करों के हौसले बुलंद हैं, और जो कोई भी आवाज उठाता है, उसे गोली मार दी जाती है। मैं इसके लिए सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराती हूं।”

अकाली सांसद ने कहा, “पंजाब ने देखा है कि मुख्यमंत्री के सामने आवाज उठाने पर मोहनजीत के साथ क्या हुआ, और वित्त मंत्री से ‘चिट्टा’ (नशीला पदार्थ) की बिक्री रोकने की गुहार लगाने पर हमारे भाई गुलजार को पुलिस की बर्बरता का शिकार होना पड़ा।”

उन्होंने कहा, “एक ऐसा व्यक्ति जिसका हथियारों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था, जो जेल की सजा काट चुका था और 2023 में वापस आया, और जिसके ठिकानों पर बार-बार छापेमारी हुई थी, उसे 2024 में फिर से हथियारों का लाइसेंस दे दिया गया। जिस पर मामले दर्ज हों, उसको दो असले का लाइसेंस कैसे मिला?” उन्होंने कहा कि परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए।

वहीं, भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “ड्रग इंस्पेक्टर, जिसकी भूमिका इस हत्या से जुड़ी है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी। खबरों के अनुसार, उसके लॉकर से 7.5 करोड़ रुपए की संपत्ति, 1.5 करोड़ रुपए नकद, आधा किलो सोना और मोहाली, पंजाब व राजस्थान में करोड़ों रुपए की संपत्तियां मिली हैं। खुद डीजीपी ने कहा था कि इस इंस्पेक्टर के संबंध जेल में बंद एक ड्रग माफिया से थे और वह सीमा पार व्यापार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में शामिल था।”

सुनील जाखड़ ने आगे कहा, “डीजीपी की ओर से बताए गए सबूतों के आधार पर उसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का मामला दर्ज किया जाना चाहिए था। इसके बजाय, सरकार ने उसे जमानत दे दी और वापस काम पर रख लिया, यहां तक कि उसे मुख्यालय में एक विभाग का इंचार्ज भी बना दिया। इसका मकान गिराया जाना चाहिए था, लेकिन दूसरों के मकान ढहाए जा रहे हैं।”

भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को बेवकूफ बना रही है, लेकिन इस सरकार के जाने का समय आ चुका है। लोग भी मांग कर रहे हैं कि इस सरकार को बर्खास्त किया जाए।

उधर, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष परगट सिंह ने कानून-व्यवस्था को लेकर ‘आप’ सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा, “जिस तरह आज कानून व्यवस्था के हालात हैं, हम गैंगस्टर और फिरौती जैसे मामलों में पीड़ित परिवारों के पास जा रहे हैं। सरकार कहती है कि सब कुछ नियंत्रण हैं, लेकिन पंजाब की जनता इनका असली चेहरा जान चुकी है। मुझे लगता है कि वर्तमान पंजाब सरकार का कार्यकाल भी पूरा नहीं हो पाएगा।”