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‘कुछ पैसा देकर लोगों को सड़क पर उतारने से सत्ता परिवर्तन नहीं होता,’ प्रशांत भूषण के बयान पर बोले एनडीए नेता

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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के ‘रिजीम चेंज’ वाले बयान पर भाजपा नेताओं ने तीखा हमला बोला है। नेताओं ने इसे देश में अस्थिरता फैलाने की साजिश करार दिया है।

कोलकाता में भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने प्रशांत भूषण के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सड़क पर कुछ लोगों को इकट्ठा करने से जन आंदोलन नहीं बनता। उन्होंने कहा, “आवाज उसको कहते हैं जिसका साथ जनता दे। इनके साथ कोई जनता नहीं है। कुछ पैसा देकर लोगों को सड़क पर उतारने से कुछ नहीं होने वाला है।”

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘रिजीम चेंज’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल यह दिखाता है कि विरोध प्रदर्शनों का उद्देश्य चुनाव सुधार नहीं, बल्कि अस्थिरता फैलाकर सत्ता हासिल करना है, राहुल सिन्हा ने सहमति जताई। उन्होंने कहा, “राजनाथ सिंह ने एकदम सही बात कही है। ये लोग देश को सुधारना नहीं चाहते, बल्कि आंदोलन करके देश को बिगाड़ना चाहते हैं और वो भी विदेशी ताकतों की सहायता लेकर। लेकिन बांग्लादेश में जो हुआ, नेपाल या श्रीलंका में जो हुआ, वह भारत में नहीं हो सकता। क्योंकि भारत में लोकतंत्र है और देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।”

विजयवाड़ा में भाजपा नेता किलारू दिलीप कुमार ने इस पूरे विरोध को सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने कहा, “सबसे पहले नेहा बोहरा ने खोपड़ी वाली टी-शर्ट पहनी थी, जो खून-खराबे और बांग्लादेश की तर्ज पर सरकार बदलने का प्रतीक है। इसके बाद प्रशांत भूषण ने उसी अंदाज में सरकार बदलने की मांग की है।”

उन्होंने कहा कि सरकारें कार्यकर्ताओं के कहने पर नहीं बदलतीं। उन्होंने कहा, “सरकारें मतदान के जरिए बदली जाती हैं। अगर उन्हें आलोचना करनी है तो उन्हें पूरी आजादी है, लेकिन जहां जनता लोकतंत्र के तहत अपने प्रतिनिधि चुनती है, वहां वह सरकार बदलने की मांग नहीं कर सकते। यहां बांग्लादेश, पाकिस्तान या नेपाल वाला तरीका नहीं चलेगा, जिससे वे जनता के बीच भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।”

रांची में भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रशांत भूषण की सोच को नक्सली मानसिकता करार दिया। उन्होंने कहा, “ये नक्सलियों की सोच है। जब आप लोकप्रिय जनादेश से चुनाव में नहीं जीत पाते हैं, तो रिजीम चेंज की बात करते हैं। रिजीम चेंज कैसे होता है? सरकार का तख्तापलट करके और तानाशाही लाने की बात कर रहे हैं। प्रशांत भूषण का जो वीडियो वायरल हुआ था, उसमें वह कह रहे थे कि देश में क्रांति की जरूरत है, उसमें खून-खराबा होगा। वह खून-खराबे की वकालत कर रहे थे।”