गांधीनगर, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र ‘विकास भी, विरासत भी’ को चरितार्थ करने वाले देश के पहले राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएमएचसी) का दौरा किया।
उन्होंने प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता के इस ऐतिहासिक स्थल पर आकार ले रहे लोथल के इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट के विभिन्न विकास कार्यों के निर्माण की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में आकार ले रहे इस परिसर में भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को प्रदर्शित करने वाला म्यूजियम, गैलरियां और दुनिया के सबसे ऊंचे ‘लाइटहाउस म्यूजियम’ का निर्माण हो रहा है।
दौरे के दौरान सीएम भूपेंद्र पटेल ने स्थल पर चल रहे सभी कार्यों और प्रोजेक्ट्स की मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की।
इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट से जुड़े उच्च अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के फेज-1 और फेज-2 के अंतर्गत आकार लेने वाली विभिन्न सुविधाओं, साइट की विशेषताओं, अब तक पूरे हो चुके तथा आगामी समय में निर्मित होने वाले विकास कार्यों के संबंध में विस्तार से प्रेजेंटेशन दिया गया।
सीएम पटेल ने पर्यटकों के लिए वैश्विक आकर्षण का केंद्र बनने वाले इस परिसर का काम समयबद्ध तरीके से पूरा हो, इस संबंध में भी समीक्षा की।
लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान गुजरात सरकार के मुख्य सचिव मनोज कुमार दास, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार एसएस राठौर, मुख्यमंत्री के अपर प्रधान सचिव डॉ. विक्रांत पांडे, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. कुलदीप आर्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पी. भारती, गुजरात स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन की मिशन डायरेक्टर नेहा कुमारी, जिला विकास अधिकारी विदेह खरे, एनएमएचसी के चीफ ऑफ गैलरीज प्रोफेसर वसंत शिंदे, रेंज आईजी राघवेन्द्र वत्स, जिला पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश जाट सहित राज्य सरकार और प्रशासनिक तंत्र के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
