हावड़ा, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गापूजा पंडाल में शनिवार शाम को मची भगदड़ में कुचलकर 19 दर्शनार्थियों की मौत हो गई। मृतकों में उत्तर हावड़ा के सलकिया निवासी 64 वर्षीय विकास भट्टाचार्य भी शामिल हैं।
परिजनों के अनुसार, अविवाहित विकास भट्टाचार्य शनिवार दोपहर साढ़े तीन बजे घर से अकेले उत्तर कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडालों के दर्शन के लिए निकले थे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्हें दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल घूमने का बेहद शौक था। वह हर साल अकेले ही मां दुर्गा के दर्शन करने निकलते थे।
शनिवार शाम को पुलिस ने उनके भाई तापस भट्टाचार्य को विकास की तबीयत खराब होने की सूचना दी। इसके बाद तापस भट्टाचार्य कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने अपने बड़े भाई को सफेद चादर से ढका हुआ पाया। चेहरे से कपड़ा हटाते ही उन्हें अपने भाई का निर्जीव शरीर दिखाई दिया। उन्होंने शव की पहचान की।
इस घटना को लेकर तापस भट्टाचार्य ने पूजा कमेटी की कथित लापरवाही और राज्य प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आए और इसके लिए जिम्मेदार सभी लोगों को सजा दी जाए।
तापस भट्टाचार्य के अनुसार, बारिश के दौरान पंडाल में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। प्रवेश और निकास के रास्ते संकरे थे और पंडाल के अंदर पर्याप्त रोशनी भी नहीं थी। उनका आरोप है कि इन परिस्थितियों के कारण ही यह दर्दनाक हादसा हुआ।
बता दें कि उत्तरी कोलकाता के चोरेबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में प्रतिमाओं के दर्शन के लिए उमड़ी अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु घायल हो गए। पंडाल के निकास द्वार का एक हिस्सा गिरने के बाद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तुरंत कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और दो अन्य सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में लगभग 17 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया जबकि 25 घायलों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। रविवार को मृतकों की संख्या 19 हो गई।
इस सिलसिले में पुलिस ने पूछताछ के लिए आयोजकों, स्वयंसेवकों और अन्य लोगों सहित 12 लोगों को हिरासत में लिया है। रविवार को एक फोरेंसिक टीम उत्तरी कोलकाता की मुक्तरमबाबू स्ट्रीट पर पहुंची, जहां भगदड़ मची थी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि उनकी सरकार प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी देगी। उन्होंने इस घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की भी घोषणा की।
