नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान मची भगदड़ पर देशभर के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस हादसे में अब तक 19 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “कोलकाता में 19 लोगों की जान चली गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह बेहद दुखद खबर है। जिन्होंने अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों के प्रति हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि वह माता रानी से प्रार्थना करते हैं कि घायल लोग जल्द स्वस्थ हो जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि जब भी ऐसी कोई दुखद घटना होती है, तो हमें मानवीय आधार पर पीड़ितों के साथ खड़ा होना चाहिए और किसी को भी इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है और खुद घायलों से मिलकर संवेदनशीलता दिखाई है। सरकार पूरी तरह पीड़ितों के साथ खड़ी है।
कोलकाता में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री उमेश राय ने भगदड़ के कारणों पर बात की। उन्होंने कहा, “यह भगदड़ तब मची जब लोग पंडाल से बाहर नहीं निकल रहे थे, जबकि पीछे से बड़ी संख्या में लोग अंदर आने की कोशिश कर रहे थे।” उन्होंने इस हादसे के लिए पूजा आयोजकों और सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाली एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यह उनकी लापरवाही का नतीजा है। मंत्री ने जानकारी दी कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो इस घटना की गहराई से जांच करेगा।
वहीं, टीएमसी नेता और एआईटीसी विधायक कुणाल घोष ने इसे पूरी तरह प्रशासनिक विफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित पूजा समिति को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इसमें कई प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं। उन्होंने बताया, “अभी हम अस्पताल में हैं। रात से ही हमारी प्राथमिकता राहत कार्य और घायलों का इलाज रही है। हमारे कार्यकर्ता चोरबागन समेत हर जगह मौजूद थे।”
कुणाल घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि वह शनिवार रात अस्पताल क्यों नहीं गए। उन्होंने कहा, “अगर नेतृत्व वहां आता तो मीडिया और पुलिस का ध्यान दूसरे कामों में लग जाता, जिससे इलाज का काम बाधित होता। इसलिए हमारी पूरी टीम वहां मौजूद थी लेकिन कुछ जानकारी मिलने के बाद आज मैं खुद अस्पताल आया हूं।”
