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टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद भड़के अशोक पंडित बोले- इंडस्ट्री में डर का माहौल, आम आदमी भी असुरक्षित

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मुंबई, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। निर्देशक अशोक पंडित ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने टाइगर के पिता अभिनेता जैकी श्रॉफ और उनके पूरे परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना के बाद परिवार बेहद सदमे में होगा। निर्देशक ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे हमलों की वजह से फिल्म इंडस्ट्री में असुरक्षा का माहौल बन गया है।

उन्होंने कहा, “मैं फिल्म इंडस्ट्री, नेशनल इंस्टीट्यूट और इंडस्ट्री एंड एम्प्लॉइज, डायरेक्टर्स एसोसिएशन और प्रोड्यूसर्स ग्रुप की ओर से हमारी इंडस्ट्री के एक बड़े सेलिब्रिटी टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं कि कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ और टाइगर सुरक्षित है। हम सब इस मुश्किल घड़ी में जैकी श्रॉफ और उनके पूरे परिवार के साथ खड़े हैं। कोई भी समझ सकता है कि जैकी और उनका पूरा परिवार इस वक्त किस सदमे से गुजर रहा होगा। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनके बेटे के साथ ऐसा कुछ होगा।”

उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ रही असुरक्षा की भावना पर भी चिंता जताई और बताया कि टाइगर श्रॉफ पर हमला फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटना के बाद हुआ है। अशोक पंडित ने कहा, “पूरी फिल्म इंडस्ट्री में असुरक्षा और डर का माहौल बना हुआ है। हाल के दिनों में यह हमारी इंडस्ट्री पर दूसरा हमला है, इससे कुछ महीने पहले रोहित शेट्टी के घर पर भी हमला हुआ था। उनके घर पर गोलियां चलाई गई थीं। मैं इंडस्ट्री की ओर से हमारे माननीय मुख्यमंत्री, उद्योग विभाग और मुंबई पुलिस से अपील करता हूं कि इस मुद्दे पर कुछ गंभीर कदम उठाए जाने चाहिए क्योंकि एक बार अगर डर ने हमारी इंडस्ट्री को घेर लिया, तो हमारे लिए आगे काम करना बहुत मुश्किल हो जाएगा। दिनदहाड़े कोई हथियार लेकर आता है, किसी पर गोली चलाता है और भाग जाता है। और वो जगह जुहू पुलिस स्टेशन से सिर्फ दो मिनट की दूरी पर है।”

निर्देशक ने कहा, “यह घटना बहुत सारे सवाल खड़े करती है क्योंकि जिस आत्मविश्वास के साथ हमलावरों ने गोली चलाई और चले गए, यह बुनियादी सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे उठाना और इस पर सोचना जरूरी है। मुझे लगता है कि कहीं न कहीं कोई सिस्टम फेल हो रहा है, जब आप टेलीविजन स्क्रीन और मोबाइल पर ऐसी तस्वीरें देखते हैं तो आपका आत्मविश्वास टूट जाता है। आप खुद को असहाय महसूस करते हैं। मैं खुद को असहाय महसूस नहीं करना चाहता। मैं नहीं चाहता कि इंडस्ट्री खुद को असहाय महसूस करे।”

उन्होंने कहा कि सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने कहा, “मैं चाहता हूं कि सरकार इन सभी लोगों, इन सभी अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करे, जो खुलेआम स्वीकार कर रहे हैं कि हमने यह किया है।”

पहले हुई हिंसा की घटनाओं का जिक्र करते हुए, जिसमें नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या और अभिनेता सलमान खान के घर और रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटनाएं शामिल हैं, अशोक पंडित ने ऐसे हमलों के बार-बार होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “सलमान खान के घर पर फायरिंग हुई, फिर रोहित शेट्टी और अब टाइगर श्रॉफ के घर पर फायरिंग हुई और हर बार सिर्फ एक ही नाम सामने आ रहा है, लॉरेंस बिश्नोई।”

अशोक पंडित ने कहा कि सेलेब्स के साथ-साथ आम जनता की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से मानता हूं कि सिर्फ इस इंडस्ट्री के लोगों को ही नहीं बल्कि हर आम आदमी को सुरक्षा मिलनी चाहिए। हर आम आदमी को जीने का हक है। हर आम आदमी को पूरी गरिमा के साथ सुरक्षित रहने का हक है। मुझे लगता है कि जब इस तरह की घटनाएं लगातार होती रहेंगी और चीजें नियंत्रण से बाहर चली जाएंगी, तो सरकार और पुलिस जैसी सुरक्षा एजेंसियों और जांच एजेंसियों के लिए दोबारा नियंत्रण हासिल करना बहुत मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि डर का माहौल उन लोगों में होना चाहिए जो इसके लिए जिम्मेदार हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए कि हम आम लोग डरें, बल्कि उन लोगों को, उन अपराधियों को डरना चाहिए, जो खुलेआम आकर इस तरह मासूम लोगों पर गोलियां चलाते हैं।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की सरकार की क्षमता के बारे में गलत संदेश देती हैं, तो अशोक पंडित ने कहा कि पुलिस को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर आप इन चीजों को ऐसे ही होने देते रहे, तो पूरी इंडस्ट्री का आत्मविश्वास टूट जाएगा। सिर्फ हमारी इंडस्ट्री ही नहीं बल्कि आम आदमी का भी क्योंकि किसी भी इंडस्ट्री के किसी भी व्यक्ति पर गोली चलाने से एक तरह की दहशत पैदा होती है, एक तरह का डर पैदा होता है जो हर आम आदमी को प्रभावित करता है।”