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    दक्षिण कोरिया की प्रमुख कॉफी चेन हॉलीज पर साइबर हमले से 27.6 लाख ग्राहकों की निजी जानकारी लीक

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    सोल, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया की प्रमुख कॉफी चेन हॉलीज के ग्राहक डेटा को साइबर हमले के जरिए लीक कर दिया गया है। कंपनी ने सोमवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उसके सदस्यता कार्यक्रम (मेंबरशिप प्रोग्राम) से जुड़ी जानकारी हैकरों के हाथ लग गई। यह हाल के महीनों में दक्षिण कोरिया की कंपनियों पर हुए साइबर हमलों की शृंखला की ताजा घटना है।

    कंपनी की वेबसाइट पर जारी नोटिस के अनुसार, 3 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच हैकरों ने अनधिकृत रूप से सिस्टम में प्रवेश किया और लगभग 27.6 लाख ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी चुरा ली। लीक हुए डेटा में ग्राहकों की जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, पते और ईमेल आईडी जैसी जानकारियां शामिल हैं।

    कंपनी ने कहा, “हमारी समझ के अनुसार लीक हुआ डेटा वर्तमान में उपयोग किए जा रहे ग्राहक डेटाबेस का नहीं, बल्कि सदस्यता सेवा में पहले किए गए बदलाव के दौरान इस्तेमाल की गई अस्थायी डेटा फाइलों का हिस्सा है।” कंपनी ने यह भी कहा कि घटना की वास्तविक सीमा का पता लगाने के लिए जांच अभी जारी है।

    नोटिस में कहा गया, “इस घटना से ग्राहकों की चिंता बढ़ी है, जिसके लिए हम ईमानदारी से क्षमा चाहते हैं। हम ग्राहक डेटा की सुरक्षा और इस डेटा लीक से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।”

    हॉलीज में हुई यह साइबर सुरक्षा घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब इसी महीने दक्षिण कोरिया की कई वित्तीय संस्थाओं में भी ग्राहकों की जानकारी लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं।

    वित्तीय नियामकों के अनुसार, शुक्रवार तक 16 वित्तीय संस्थानों में करीब एक लाख मामलों में व्यक्तिगत जानकारी लीक होने की आशंका जताई गई है।

    दक्षिण कोरिया में करीब 530 आउटलेट्स संचालित करने वाली हॉलीज का स्वामित्व केजी ग्रुप के पास है, जिसका कारोबार इस्पात निर्माण, ऑटोमोबाइल निर्माण और लॉजिस्टिक्स सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में फैला हुआ है।

    पिछले सप्ताह भी वित्तीय नियामक ने बताया था कि हालिया हैकिंग घटनाओं में ईमेल आईडी, नाम और फोन नंबर जैसी व्यक्तिगत जानकारियों के करीब एक लाख मामले प्रभावित हो सकते हैं।

    इस महीने की शुरुआत में केबी कूकमिन बैंक, शिनहान बैंक समेत कई वित्तीय संस्थानों में ग्राहकों और अन्य संवेदनशील सूचनाओं के लीक होने की घटनाएं सामने आई थीं।

    वित्तीय सेवा आयोग (एफएससी) ने कहा है कि प्रभावित संस्थान यह जांच कर रहे हैं कि कहीं डेटा लीक के और मामले तो नहीं हुए हैं। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया कि बैंक खाता संख्या, क्रेडिट कार्ड नंबर और अन्य अत्यधिक संवेदनशील वित्तीय जानकारी लीक नहीं हुई है।