कलबुर्गी, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बुधवार को पीएम मोदी के सामने एसआईआर, परिसीमन और महिला आरक्षण को लागू करने में हो रही देरी को लेकर अपनी बात विस्तार से समझाएंगे।
कर्नाटक के कलबुर्गी में मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के पत्र को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि आज दशहरा का पर्व है, मैं आज कोई राजनीतिक बात नहीं करूंगा। मैंने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है, असल में उन्हें मेरी तरफ से दो पत्र मिल चुके हैं। मैं उन्हें विस्तार से सब कुछ समझाऊंगा। एसआईआर के संभावित नुकसान, प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया के नकारात्मक प्रभाव और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने में हो रही देरी सहित सभी मुद्दों पर मैं कल बात करूंगा।
वहीं, दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए खड़गे ने कहा कि दशहरा पूरे देश में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है और मैं सभी को इसकी शुभकामनाएं देता हूं। मुझे उम्मीद है कि यह दशहरा सभी के लिए अच्छा साबित होगा। बारिश औसत से 40 प्रतिशत से भी कम हुई है, जिससे काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में लोगों को तभी राहत मिल सकती है जब प्रकृति का साथ मिले, दशहरा बहुत बड़े पैमाने पर मनाया जाता है, खासकर कर्नाटक में। मेरा मानना है कि कल्याण-कर्नाटक क्षेत्र में खासकर गुलबर्गा में भी एक बड़ा आयोजन होना चाहिए। हम इस दिशा में काम करेंगे। हम एक ऐसा आयोजन करने की कोशिश करेंगे जिसे स्थानीय स्तर पर खूब सराहा जाए और जो पूरे कर्नाटक राज्य को एकजुट करने में मदद करे। मैं इस बारे में मुख्यमंत्री से चर्चा करूंगा कि क्या किया जा सकता है।
सोमवार को परिसीमन संशोधन विधेयक को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर सरकार की ओर से विपक्ष के साथ बातचीत के लिए किए गए प्रयासों का विवरण दिया। रिजिजू ने कहा कि सरकार ने ‘परिसीमन संशोधन विधेयक’ पर विचार करने और उसे पारित कराने के लिए लगातार विपक्ष का समर्थन और सहयोग मांगा है। सरकार ने मुख्य विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस पार्टी से कई मौकों पर संपर्क किया है।
इस संबंध में पत्र भी लिखे गए। इन लिखित संदेशों के अलावा मैंने आपसे व्यक्तिगत रूप से भी इस विषय पर चर्चा की थी और आपका समर्थन व सहयोग मांगा था। मानसून सत्र के दौरान मैंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर चर्चा की और इस विषय पर उनका सहयोग मांगा। हालांकि, बार-बार अनुरोध करने के बाद भी कांग्रेस पार्टी ने चर्चा के लिए कोई तारीख नहीं दी, जिसके बाद सरकार ने अन्य राजनीतिक दलों से संपर्क किया।
