SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय नमक्कल में दशहरा उत्सव की धूम, किन्नर समुदाय के लोगों ने देवी...

नमक्कल में दशहरा उत्सव की धूम, किन्नर समुदाय के लोगों ने देवी काली का रूप धारण कर पूरी कीं मन्नतें

0
8

नमक्कल (तमिलनाडु), 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के नमक्कल जिले में परमथी वेलूर के पास स्थित अरुनागिरी सुल्लीपालयम में दशहरा उत्सव धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। यहां स्थित श्री शिवशक्ति अर्धनारी निरंतर अघोरी सिद्धर पीठम में आयोजित उत्सव में किन्नर समुदाय के लोगों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

उत्सव की शुरुआत बुधवार, 7 अक्टूबर की रात को ग्रामशांति अनुष्ठानों के साथ हुई। इस धार्मिक अनुष्ठान का उद्देश्य गांव की शुद्धि और उत्सव के निर्विघ्न आयोजन के लिए प्रार्थना करना था। इसके बाद 10 अक्टूबर को कावेरी नदी से पवित्र जल से भरा ‘तीर्थकुडम’ लाया गया। इस अनुष्ठान के साथ ही श्रद्धालुओं ने उपवास शुरू किया और विशेष धार्मिक मालाएं धारण कर देवी की आराधना की।

11 से 19 अक्टूबर तक मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों और शोभायात्राओं का आयोजन किया गया। इस दौरान देवी काली का वेश धारण किए श्रद्धालु शोभायात्राओं में शामिल हुए। भक्तों ने देवी की प्रतिमा के साथ यात्रा निकाली और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि तथा मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।

उत्सव के अंतिम दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठान देखने को मिला। किन्नर समुदाय के कई लोगों सहित अन्य श्रद्धालुओं ने देवी काली का रूप धारण किया और जलते अंगारों से भरे तीचट्टी पात्र लेकर शोभायात्रा में हिस्सा लिया। भक्त नाचते-गाते और देवी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। श्रद्धालुओं ने इसे अपनी आस्था व्यक्त करने और मन्नतें पूरी करने से जुड़ी धार्मिक परंपरा के रूप में निभाया।

इस भव्य आयोजन में किन्नर समुदाय के सदस्यों के साथ आसपास के गांवों और क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक उत्साह और भक्तिमय माहौल बना रहा। भक्तों ने देवी काली के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान भक्तों ने देवी काली का रूप धारण किया और अपनी धार्मिक मन्नतें पूरी करने के लिए जलते अंगारों से भरे पात्र, जिन्हें स्थानीय परंपरा में ‘तीचट्टी’ कहा जाता है, लेकर शोभायात्रा निकाली।

उत्सव का समापन अन्नदान के साथ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं को भोजन वितरित किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन श्रीला श्री अरुणा नायक किन्नर स्वामीगा की ओर से किया गया। दशहरा उत्सव ने क्षेत्र में धार्मिक आस्था, सामुदायिक सहभागिता और पारंपरिक रीति-रिवाजों की झलक प्रस्तुत की।