SGSU Advertisement
Home राजनीति मंत्री रेखा आर्य केस में एसआईटी की जांच तेज, बयान दर्ज, ऑडियो...

मंत्री रेखा आर्य केस में एसआईटी की जांच तेज, बयान दर्ज, ऑडियो क्लिप भी जांच में शामिल

0
4

देहरादून, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड सरकार में मंत्री रेखा आर्य की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने उनका बयान दर्ज कर लिया है। मामले की जांच अधिकारी और डिप्टी एसपी जया बलूनी ने बताया कि मंत्री की ओर से फेसबुक पर साझा की गई ऑडियो क्लिप को भी जांच में शामिल किया गया है। इसके अलावा, मामले में लगाए गए आरोपों और कथित फर्जी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।

जांच में देरी और ढिलाई बरते जाने के आरोपों पर जया बलूनी ने कहा कि मामले से जुड़े कई तथ्यों की पुष्टि करना जरूरी है। इसके लिए संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मूल दस्तावेज प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जया बलूनी ने बताया कि मंत्री रेखा आर्य द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में उनका बयान रिकॉर्ड कर लिया गया है। मंत्री की ओर से फेसबुक पर जारी की गई ऑडियो क्लिप को भी उचित प्रक्रिया के तहत प्राप्त किया गया है। मंत्री ने अपने बयान में जो तथ्य बताए हैं, उनकी पुष्टि की जा रही है। मामले से जुड़े अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों का सत्यापन किया जा सके।

मामले में जांच की गति को लेकर उठ रहे सवालों पर जया बलूनी ने कहा कि कई बिंदुओं पर जांच और पुष्टि किया जाना अभी बाकी है। मामले में फर्जी दस्तावेजों से संबंधित आरोप लगाए गए हैं, इसलिए उनके मूल दस्तावेज हासिल करना महत्वपूर्ण है। जांच टीम मूल दस्तावेज जल्द प्राप्त करने का प्रयास कर रही है। साथ ही, मंत्री की ओर से बताए गए अन्य तथ्यों का भी सत्यापन किया जा रहा है। बलूनी ने यह स्पष्ट किया कि जांच से जुड़े सभी जरूरी पहलुओं की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच के सिलसिले में बरेली भेजी गई टीम की कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर जया बलूनी ने बताया कि एक टीम वहां गई थी। टीम को वहां कुछ दस्तावेज मिले, जिनकी फोटोकॉपी फिलहाल प्राप्त की गई है। उन्होंने कहा कि मामले में मूल दस्तावेजों की जरूरत है और उन्हें हासिल करने के लिए आगे प्रयास किए जा रहे हैं। दस्तावेजों और अन्य तथ्यों के सत्यापन के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।