कन्नौज, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने भाजपा के खिलाफ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर पलटवार किया। उन्होंने सपा नेता राजकुमार भाटी पर हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक आस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी आस्था मानने का अधिकार है, लेकिन दूसरों की धार्मिक मान्यताओं का अपमान करना गलत है। उन्होंने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को सनातन परंपरा के अनुरूप बताते हुए उनके सम्मान की बात भी कही। इसके अलावा, असीम अरुण ने एमएलसी चुनाव में भाजपा द्वारा मतदाताओं से संपर्क किए जाने, आजम खान के खिलाफ हुई कार्रवाई और युवाओं के बीच भाजपा की लोकप्रियता को लेकर भी अपनी राय रखी।
असीम अरुण ने कहा कि अखिलेश यादव जिन राजकुमार भाटी को सम्मानित कर रहे हैं और अपने साथ लेकर चल रहे हैं, उनकी ओर से की गई टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं। भगवान बुद्ध को मानना और उनकी शिक्षाओं का पालन करना अच्छी बात है, लेकिन इसके लिए किसी अन्य की आस्था को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है। भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार भी माना जाता है। भगवान बुद्ध की शिक्षाएं और उनके उद्देश्य सनातन परंपरा के अनुरूप हैं। भगवान बुद्ध की प्रार्थना करनी चाहिए और उनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वयं भी भगवान बुद्ध का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी दूसरे धर्म या आस्था का अपमान करने का समर्थन नहीं किया जा सकता।
एमएलसी चुनाव में भाजपा द्वारा मतदाताओं से संपर्क करने और उनके फोन नंबर प्राप्त करने को लेकर अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए सवालों पर असीम अरुण ने कहा कि इससे पता चलता है कि सपा प्रमुख को चुनाव की तैयारियों की जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा लंबे समय से मतदाता बनाने और उनसे संपर्क कर पार्टी के पक्ष में मतदान करने का आग्रह करने के अभियान में जुटी हुई है। मंत्री ने कहा कि पार्टी के पास केवल मतदाताओं के फोन नंबर ही नहीं, बल्कि उनके पते भी हैं, क्योंकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने लोगों से संपर्क कर उन्हें मतदाता बनने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रेरित किया था।
असीम अरुण ने कहा कि जिन मतदाताओं के फोन नंबर उपलब्ध नहीं हैं, उनसे भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता भी फोन के माध्यम से मतदाताओं से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने न तो पर्याप्त संख्या में मतदाता बनाने की तैयारी की और न ही प्रचार की। मंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा की बढ़त देखकर अखिलेश यादव इस तरह के सवाल उठा रहे हैं।
आजम खान के साथ भाजपा सरकार द्वारा अन्याय किए जाने के अखिलेश यादव के आरोप पर मंत्री ने कहा कि आजम खान के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग ने जांच की और न्यायिक प्रक्रिया के बाद संपत्ति तथा आपराधिक मामलों में कार्रवाई की गई। आजम खान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे हैं। अखिलेश यादव ने उनका साथ क्यों नहीं दिया और उनसे जेल में मिलने क्यों नहीं गए, यह दोनों के बीच का मामला है। भाजपा के लिए महत्वपूर्ण यह है कि आजम खान के खिलाफ हुई कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हुई और अदालत ने उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया।
मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जुड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि 2014 से राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के चुनावों में प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा की डबल इंजन सरकार को समर्थन मिलता रहा है। युवा परिवर्तन, ईमानदारी और आदर्शों की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही, दावा किया कि उत्तर प्रदेश का युवा आगामी चुनावों में भी भाजपा को समर्थन देगा।
