ब्रासीलिया, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के बेटे और राष्ट्रपति चुनाव में पराजित उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो ने अमेरिका पहुंचने के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक खुला पत्र जारी कर खुद को ब्राजील का नेता बताया है। उन्होंने बिना कोई सबूत दिए राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगाए और ब्राजील की सुप्रीम फेडरल कोर्ट (एसटीएफ) पर चुनावी न्यायालय के अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर काम करने का आरोप लगाया।
फ्लावियो बोल्सोनारो ने दावा किया कि मतदान का समय बढ़ाने का आदेश आधिकारिक मतदान समाप्त होने के बाद जारी किया गया, जिससे मतदाताओं के साथ असमान व्यवहार हुआ, हालांकि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मौजूदा राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा ने रविवार को हुए रनऑफ चुनाव में 40 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
ब्राजीलियाई मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मूल समय सीमा शाम 5 बजे के बाद केवल लगभग 34,300 मत ही डाले गए थे, जो लूला की जीत के अंतर से काफी कम हैं।
दरअसल, दोनों उम्मीदवारों के चुनाव अभियान की ओर से मतदान केंद्रों तक पहुंचने में मतदाताओं को हो रही कठिनाइयों की शिकायत के बाद एसटीएफ ने रविवार को मतदान अवधि शाम 7 बजे तक बढ़ाने का आदेश दिया था। हालांकि यह आदेश केवल उन मतदान केंद्रों पर लागू हुआ था जो शाम 5 बजे तक खुले थे। जो केंद्र बंद हो चुके थे, उन्हें दोबारा नहीं खोला गया।
अपने पत्र में फ्लावियो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली का धन्यवाद किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह ब्राजील से भागे नहीं हैं और विदेश में रहकर विपक्ष का नेतृत्व करेंगे।
फ्लावियो के देश छोड़ने का मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि एसटीएफ के न्यायाधीश एलेक्जेंड्रे डी मोरेस ने मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशों में अवैध धन हस्तांतरण की जांच के सिलसिले में उन्हें अपने पासपोर्ट जमा करने और देश छोड़ने पर रोक लगाने का आदेश दिया था।
इस बीच अमेरिकी मीडिया ने मंगलवार को एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि अमेरिकी विदेश विभाग फ्लावियो बोल्सोनारो और उनके परिवार को वीजा जारी करेगा तथा उन्हें अमेरिका में प्रवेश की अनुमति देगा।
ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट द्वारा जारी नतीजों के अनुसार, राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा को 51.79 प्रतिशत वैध मत मिले, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए।
सोमवार को ब्राजीलियाई मीडिया ने यह भी रिपोर्ट दी थी कि सुप्रीम फेडरल कोर्ट के न्यायाधीश एलेक्जेंड्रे डी मोरेस ने बोल्सोनारो को अपने पासपोर्ट संघीय पुलिस के पास जमा कराने और देश से बाहर जाने पर रोक लगाने का आदेश दिया था।
