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Home राष्ट्रीय भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल

भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल

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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय उत्पादों और सेवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग से जुड़े लोगों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि भारत की एक भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार के रूप में पहचान मजबूत हो सके।

पीयूष गोयल ने यहां एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में वैश्विक व्यापार के बदलते माहौल पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, टैरिफ संरचना में बदलाव, सप्लाई चेन के पुनर्गठन और बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई नियामक जरूरतों के कारण कारोबार का माहौल तेजी से बदल रहा है।

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, पीयूष गोयल ने कहा कि जहां ये बदलाव निर्यातकों के लिए चुनौतियां लेकर आते हैं। वहीं ये भारत के लिए खुद को एक विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी वैश्विक व्यापारिक भागीदार के रूप में मजबूत करने के अवसर भी हैं।

केंद्रीय मंत्री ने भारतीय उद्योग को बदलते अंतरराष्ट्रीय कारोबारी माहौल के प्रति चुस्त और संवेदनशील बने रहने की सलाह दी। उन्होंने निर्यातकों को प्रोडक्ट की गुणवत्ता सुधारने, इनोवेशन, लागत प्रतिस्पर्धा, सप्लाई की विश्वसनीयता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि ग्लोबल वैल्यू चेन में भारत की भागीदारी बढ़ सके।

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत को एक मैन्युफैक्चरिंग, सोर्सिंग और निवेश गंतव्य के रूप में देखने में दुनिया की रुचि बढ़ रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय उद्योग और विदेशी कारोबारियों के बीच लगातार बातचीत के जरिए इन संबंधों को ठोस कारोबारी नतीजों में बदलना जरूरी है।

उन्होंने एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल को अपने अंतरराष्ट्रीय समकक्षों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने, संभावित खरीदारों की पहचान करने और स्थापित और उभरते बाजारों में कारोबारी साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया।

पीयूष गोयल ने बदलती वैश्विक मांग और उभरते सप्लाई चेन अवसरों को देखते हुए प्रोडक्ट और बाजार विविधीकरण पर फोकस करने की जरूरत बताई।

उन्होंने एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल से कहा कि वे उन उत्पादों की पहचान करें जिनमें निर्यात की असीम संभावनाएं हैं, नए बाजार तलाशें और बाजार-विशेष रणनीति बनाएं। उन्होंने स्थापित क्षेत्रों में भारत के प्रतिस्पर्धी लाभों को मजबूत करने के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों में क्षमताओं के निर्माण पर भी जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कारोबार करने में आसानी को बेहतर बनाने, व्यापार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निर्यात करने वाले उद्यमों के सामने आने वाली चुनौतियों को दूर करने के लिए चल रहे प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन को एक महत्वपूर्ण पहल बताया, जो विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमी) के लिए निर्यात वित्त, बाजार पहुंच और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से जुड़ी बाधाओं को दूर करने में मदद करेगा।