नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व लेग-स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन को असम क्रिकेट एसोसिएशन (एसीए) की क्रिकेट एकेडमी में स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया गया है। उनका यह अनुबंध एक साल का है, जो इसी महीने से शुरू हो रहा है।
एसोसिएशन के सचिव सनातन दास की तरफ से सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार, शिवरामकृष्णन नॉर्थ गुवाहाटी के फुलुंग स्थित एसीए क्रिकेट एकेडमी में युवा और होनहार स्पिनर्स के साथ काम करेंगे। शानदार लेग-ब्रेक, गुगली और टॉप-स्पिन गेंदों के लिए मशहूर शिवरामकृष्णन एक व्यवस्थित कोचिंग प्रोग्राम चलाएंगे।
चेन्नई के रहने वाले शिवरामकृष्णन का शानदार टेस्ट और वनडे करियर रहा है। साल 1985 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित ‘बेंसन एंड हेजेज वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट’ में टीम की सफलता में उनकी अहम भूमिका थी।
शिवरामकृष्णन ने बहुत कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। अपने करियर के दौरान उन्होंने 9 टेस्ट और 16 वनडे मैच खेले, जिनमें क्रमशः 26 और 15 विकेट लिए। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1984 में मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ रहा था, जहां उन्होंने 64 रन देकर 6 विकेट चटकाए। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, वे एक मशहूर कमेंटेटर बने।
यह पूर्व लेग-स्पिनर आईसीसी क्रिकेट कमिटी में खिलाड़ियों के प्रतिनिधि के तौर पर भी काम कर चुके हैं। 60 वर्षीय शिवरामकृष्णन पहले ही एकेडमी का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने 18 अक्टूबर को एसीए क्रिकेट एकेडमी में लेग-स्पिन बॉलिंग की बारीकियों पर एक सेशन लिया था।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब 60 वर्षीय शिवरामकृष्णन ने सार्वजनिक रूप से आईपीएल फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के साथ कोच के तौर पर जुड़ने की इच्छा जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एलएसजी के मालिक संजीव गोयनका को संबोधित करते हुए अपनी सेवाएं देने की पेशकश की थी। शिवरामकृष्णन को पूरा भरोसा है कि वे फ्रेंचाइजी के स्पिन अटैक को बेहतर बना सकते हैं।
इस वर्ष की शुरुआत में लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर बताया था कि उन्होंने बीसीसीआई की कमेंट्री पैनल से इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना था कि उन्हें टॉस और प्रस्तुति समारोह संचालित करने के पर्याप्त अवसर नहीं दिए जा रहे थे। बाद में शिवरामकृष्णन ने कहा कि अपने खेल करियर के दौरान जिस रंगभेद का उन्हें सामना करना पड़ा था, वही प्रसारण करियर में भी उनका पीछा करता रहा।
