लखनऊ, 3 नवंबर (आईएएनएस)। अयोध्या का दीपोत्सव-2026 इस बार परंपरा और आधुनिक तकनीक के अनूठे संगम के साथ नई पीढ़ी को आकर्षित करेगा। राम की पैड़ी पर दीपों की जगमगाहट के बीच 3डी प्रोजेक्शन, लेजर शो, एरियल एक्ट और 100 से अधिक कलाकारों की लाइव प्रस्तुतियों के जरिए भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की गाथा जीवंत होगी। सात नवंबर को होने वाले मुख्य आयोजन में करीब 28 मिनट की विशेष प्रस्तुति दिखाई जाएगी। खास बात यह है कि दर्शकों को मोबाइल पर ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) तकनीक के जरिए रामायण के पांच प्रसंगों के 3डी दृश्य देखने का अवसर भी मिलेगा।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में राम की पैड़ी मुख्य आकर्षण का केंद्र होगी। यहां पानी के बीच फ्लोटिंग मंच तैयार किया जा रहा है, जिस पर लोक और शास्त्रीय कलाकार नृत्य, संगीत और नाटकीय प्रस्तुतियों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को साकार करेंगे। मंचीय प्रस्तुतियों के साथ आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, 2डी-3डी विजुअल और मानव आधारित एरियल एक्ट का इस्तेमाल किया जाएगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस बार दीपोत्सव की प्रस्तुतियां विशेष रूप से जेन-जी की रुचियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। उद्देश्य अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत और भगवान श्रीराम की कथा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। करीब 28 मिनट के शो में प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर, संगीत और कलाकारों की प्रस्तुतियों के जरिए श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा दिखाई जाएगी।
दीपोत्सव के तहत पांच से नौ नवंबर तक राम की पैड़ी पर मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और लेजर शो आयोजित होंगे। पांच नवंबर को दो ट्रायल शो होंगे जबकि छह नवंबर को फुल ड्रेस रिहर्सल की जाएगी। सात नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष मुख्य प्रस्तुति होगी। इसके अलावा आमजन के लिए तीन अतिरिक्त शो भी आयोजित किए जाएंगे। आठ नवंबर को दीपावली के दिन चार शो होंगे, जिनमें नृत्य कार्यक्रम शामिल नहीं रहेगा। वहीं, नौ नवंबर को अयोध्यावासियों के लिए विशेष ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा।
इस बार दीपोत्सव में तकनीक का एक और नया प्रयोग देखने को मिलेगा। राम की पैड़ी क्षेत्र के लिए आईओएस और एंड्रॉयड आधारित विशेष मोबाइल ऐप तैयार किया जाएगा। इसके जरिए निर्धारित स्थान को स्कैन करते ही मोबाइल स्क्रीन पर रामायण के पांच प्रसंगों के 3डी दृश्य वास्तविक परिवेश में दिखाई देंगे। दर्शक इन दृश्यों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा भी कर सकेंगे। ऐप को जियो-फेंसिंग से जोड़ा जाएगा, जिससे यह सुविधा केवल राम की पैड़ी क्षेत्र में उपलब्ध होगी।
मुख्य प्रस्तुति के अतिरिक्त आठ मिनट का विशेष लेजर शो और 20 मिनट का मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन मैपिंग शो भी होगा। दर्शकों के लिए बेहतर साउंड सिस्टम और आउटडोर एलईडी वॉल की व्यवस्था की जाएगी। आयोजन में 100 से अधिक कलाकार भारतीय लोक एवं शास्त्रीय कलाओं के जरिए रामायण के प्रसंग प्रस्तुत करेंगे। कहानी, नृत्य, संगीत, वॉयस ओवर और प्रकाश प्रभावों को एक साथ पिरोकर प्रस्तुति तैयार की जा रही है।
पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि दीपोत्सव-2026 में परंपरा और तकनीक का समन्वय अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का माध्यम बनेगा। प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर शो, एरियल एक्ट और ऑगमेंटेड रियलिटी के जरिए भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा नए अंदाज में प्रस्तुत की जाएगी। इसके साथ ही ‘विजिट माय स्टेट’ अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा।
–आईएएनएस
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