नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट – पोस्टग्रेजुएट (नीट-पीजी) 2025 परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवारों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नीट-पीजी 2025 परीक्षा के लिए क्वालीफाइंग कट-ऑफ पर्सेंटाइल घटाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की।
नीट-पीजी 2025 परीक्षा को लेकर मंगलवार को 12 सदस्यों वाली विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की गई। विशेषज्ञ समिति ने बताया कि 2027 से नीट-पीजी और नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट – सुपर स्पेशियलिटी (नीट-एसएस) के लिए पर्सेंटाइल-आधारित प्रणाली को रैंक-आधारित प्रणाली से बदलने का प्रस्ताव दिया है, जिसे नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, लेकिन नियमों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
कोर्ट को बताया गया कि समिति की चर्चाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि केवल खाली सीटों को भरने के लिए पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा के न्यूनतम योग्यता मानकों में ढील नहीं दी जानी चाहिए। कोर्ट ने कमेटी की रिपोर्ट सभी पक्षों को सौंपने का निर्देश दिया। कमेटी की रिपोर्ट पर याचिकाकर्ता अपना जवाब दाखिल करेंगे।
बता दें कि नीट-पीजी परीक्षा का आयोजन नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) द्वारा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में किया जाता है। नीट-पीजी 2025 की परीक्षा 3 अगस्त 2025 को एक ही शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक आयोजित की गई थी। परीक्षा का परिणाम 3 सितंबर 2025 को घोषित कर दिया गया था।
एनबीईएमएस की ओर से नीट-पीजी 2025 की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 31 जुलाई 2025 को जारी किए गए थे। वहीं, उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शहर चुनने और उसमें सुधार करने के लिए विंडो 13 से 17 जून 2025 तक आधिकारिक पोर्टल पर सक्रिय थी।
एनबीईएमएस की ओर से देश के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन), एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी) और पीजी डिप्लोमा जैसे पोस्ट ग्रेजुएट चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों की पात्रता और रैंकिंग निर्धारित करने के लिए नीट-पीजी परीक्षा आयोजित की जाती है।
