बेंगलुरु, 3 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार को पुलिस को आगाह किया कि वे जनता का भरोसा न खोएं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हो रही घटनाओं पर लोग पैनी नजर रखे हुए हैं।
उन्होंने कहा, “पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों का उन पर से भरोसा न उठे। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जो कुछ भी हो रहा है, जनता उसे देख रही है।”
कुमारस्वामी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था संभालने के तरीके, हत्या के मामलों की जांच, आबकारी विभाग में कथित अनियमितताओं और वक्फ बोर्ड की संपत्तियों से जुड़े विवादों को लेकर सरकार की आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों से जुड़े हालिया विवादों और आबकारी विभाग में 40,000 करोड़ रुपए की वसूली के आरोपों ने सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने गृह और खुफिया विभागों की कथित विफलता की भी कड़ी आलोचना की और उन पर राज्य में हुई हत्याओं के मामलों की जांच की दिशा भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है।
हिरियूर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के बारे में कुमारस्वामी ने बताया कि एनडीए की ओर से एक सर्वसम्मत उम्मीदवार उतारने के लिए कडुगोल्ला समुदाय के प्रमुख नेताओं और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा की गई है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला सभी संबंधित पक्षों की आपसी सहमति और तालमेल से लिया गया है।
2006-07 में अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल को याद करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी सरकार ने चित्रदुर्ग, तुमकुरु और कोलार जिलों में झीलों को भरने के लिए 4,500 करोड़ रुपए की एक महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बिगड़ चुकी है और सरकार पर ठेकेदारों का लगभग 38,000 करोड़ रुपए बकाया है, जो उन्होंने पहले ही काम पूरा कर लिया है।
उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह बिना किसी वित्तीय मंजूरी या बजट आवंटन के केवल प्रचार पाने के लिए नई परियोजनाओं की आधारशिला रखने के कार्यक्रमों तक ही सीमित है।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया, “कोई काम पूरा नहीं होता, लेकिन सरकार आधारशिला रखने के कार्यक्रम आयोजित करके मुफ्त में प्रचार हासिल कर लेती है। बिना फंड के परियोजनाएं शुरू करना और ऐसी घोषणाओं के जरिए लोगों को गुमराह करना कांग्रेस पार्टी की आदत बन गई है।”
राज्य और केंद्र सरकार से अपनी उपज का उचित मूल्य (लाभदायक दाम) मांगने वाले गन्ना किसानों के लगातार चल रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कुमारस्वामी ने राज्य सरकार पर उनकी चिंताओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि किसानों की परेशानियों पर ध्यान देना और गन्ने के लिए कम से कम 750 रुपए प्रति टन का अतिरिक्त समर्थन मूल्य (सपोर्ट प्राइस) देना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों में जेडीएस विधायक दल के नेता सीबी सुरेश बाबू, पूर्व विधायक निंगप्पा, डॉ. के. अन्नादानी और डोड्डांगौडा पाटिल, विधान परिषद के पूर्व सदस्य के.ए. थिप्पे स्वामी, ग्रेटर बेंगलुरु जेडीएस अध्यक्ष एच.एम. रमेश गौडा, तिप्तुर के वरिष्ठ नेता शांतकुमार और कुनिगल निर्वाचन क्षेत्र के नेता जगदीश शामिल थे।
