लखनऊ, 4 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में कुल दो विधानसभा सीटें हैं, जिनमें चित्रकूट और मानिकपुर शामिल हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में दोनों सीटों पर अलग-अलग दलों ने जीत दर्ज की। एक सीट समाजवादी पार्टी (सपा) के खाते में गई, तो दूसरी सीट पर अपना दल (सोनेलाल) ने कब्जा जमाया।
चित्रकूट उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों में से 236वीं सीट है। यह एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है। पिछले चुनाव में इस सीट पर लगभग 3,75,123 पंजीकृत मतदाता थे। उत्तर प्रदेश की चित्रकूट विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक अनिल प्रधान हैं। वह समाजवादी पार्टी (सपा) से संबंधित हैं। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी।
समाजवादी पार्टी के अनिल प्रधान ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में चित्रकूट सीट से करीब 1,04,771 वोट प्राप्त करके भारतीय जनता पार्टी के चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय को 20,876 वोटों से हराया था। यहां का मतदान करीब 64.66 प्रतिशत रहा था।
वहीं, मानिकपुर उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों में से 237वीं सीट है। यह एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है। पिछले चुनाव में इस सीट पर लगभग 3,38,989 पंजीकृत मतदाता थे। इस सीट के मौजूदा विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी हैं। वह अपना दल (सोनेलाल) पार्टी से विधायक हैं।
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपना दल (सोनेलाल) के अविनाश चंद्र द्विवेदी ने मानिकपुर सीट से करीब 73,132 वोट प्राप्त कर समाजवादी पार्टी के वीर सिंह पटेल को मात्र 1,048 वोटों से हराया था। यहां का मतदान करीब 61.38 प्रतिशत रहा था।
बता दें कि चित्रकूट का अर्थ ‘अनेक चमत्कारों की पहाड़ी’ है। चित्रकूट उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्यों में फैली उत्तरी विंध्य पर्वत श्रृंखला में स्थित है। उत्तर प्रदेश में चित्रकूट जिले का गठन 4 सितंबर 1998 को हुआ था। चित्रकूट पर्वत माला में कामद गिरि, हनुमानधारा, जानकी कुंड, लक्ष्मण पहाड़ी और देवंगना जैसे प्रसिद्ध धार्मिक पर्वत शामिल हैं।
भगवान राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं व्यतीत किया था। रामायण महाकाव्य के अनुसार, चित्रकूट वह स्थान है, जहां भगवान राम के भाई भरत उनसे मिलने आए थे और उनसे अयोध्या लौटकर राज्य पर शासन करने का अनुरोध किया था।
ऐसा माना जाता है कि ब्रह्मा, विष्णु और भगवान शिव ने यहां अवतार लिया था। यह स्थान अनेक मंदिरों और धार्मिक स्थलों से सुशोभित है। चित्रकूट में सब कुछ भगवान राम से जुड़ा है। यहां की संस्कृति और इतिहास का अनूठा संगम भी देखा जा सकता है। चित्रकूट एक आध्यात्मिक स्थल है, जहां लगभग पूरे वर्ष अज्ञात और अनछुए स्थानों की खोज करने वाले यात्रियों की भीड़ लगी रहती है। चित्रकूट दिव्यता, शांति और प्राकृतिक सुंदरता का एक आदर्श संगम है।
