भुवनेश्वर, 4 नवंबर (आईएएनएस)। भारत सरकार के खान मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली नवरत्न सीपीएसई नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको) ओडिशा के अनुगुल में अपने प्रस्तावित ब्राउनफील्ड स्मेल्टर विस्तार परियोजना पर तेजी से आगे बढ़ रही है। इस परियोजना का उद्देश्य स्मेल्टिंग क्षमता को 0.5 मिलियन टन प्रति वर्ष तक बढ़ाना है, जिससे मौजूदा 0.46 एमटीपीए की क्षमता लगभग दोगुनी होकर करीब 1.0 एमटीपीए हो जाएगी।
इस परियोजना के लिए लगभग 30,000 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दी गई है। इसके कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक वैधानिक मंजूरियां, रणनीतिक साझेदारियां और अन्य जरूरी पहलें पूरी कर ली गई हैं।
हाल ही में अनुगुल में प्रस्तावित स्मेल्टर विस्तार परियोजना के लिए आवश्यक भूमि के अधिग्रहण को सुगम बनाने और भूमि अधिग्रहण, मुआवजे और पुनर्वास से जुड़े मामलों में तेजी लाने के उद्देश्य से पुनर्वास और परिधीय विकास सलाहकार समिति (आरपीडीएसी) की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भूमि से जुड़े मुद्दों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया गया, ताकि परियोजना का काम तय समय पर आगे बढ़ सके।
इसके अलावा नालको ने एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम (ईजीए) के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत अनुगुल स्मेल्टर प्लांट के लिए ईजीए की विशेष स्मेल्टिंग तकनीक का लाइसेंस लिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि एल्युमिनियम उत्पादन की ऐसी प्रक्रियाओं को अपनाया जाए, जो विश्व स्तर पर प्रमाणित हैं और ऊर्जा की दृष्टि से अत्यधिक कुशल हैं।
इस प्रस्तावित विस्तार के लिए अतिरिक्त 1100 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होगी। इस जरूरत को पूरा करने के लिए नालको ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड के साथ साझेदारी की है। इसके तहत 50:50 के अनुपात में एक संयुक्त उद्यम कंपनी बनाई जाएगी, जो 4×270 मेगावाट यानी कुल 1,080 मेगावाट क्षमता का कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट स्थापित करेगी। स्थिरता और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए नालको इस परियोजना में 200-250 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा को भी शामिल करने की योजना बना रही है।
अनुगुल में 0.5 एमटीपीए क्षमता वाली इस एल्युमिनियम स्मेल्टर विस्तार परियोजना को 2030-31 के दौरान चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे नालको की धातु उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। नालको की विस्तार पहलें, जिनमें दमनजोदी में 5वीं स्ट्रीम एल्यूमिना रिफाइनरी परियोजना और अनुगुल में स्मेल्टर विस्तार परियोजना शामिल हैं, ओडिशा सरकार और भारत सरकार के खान मंत्रालय के सहयोग से आगे बढ़ाई जा रही हैं। इन परियोजनाओं से उत्पादन क्षमता बढ़ने, रोजगार के अवसर पैदा होने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। नालको निरंतर निवेश, कौशल विकास और डाउनस्ट्रीम और सहायक उद्योगों को बढ़ावा देकर ओडिशा के औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि 5वीं स्ट्रीम रिफाइनरी के चालू होने से प्रस्तावित अनुगुल स्मेल्टर की बढ़ी हुई क्षमता की जरूरतों को पूरा करने के बाद भी अतिरिक्त एल्यूमिना उपलब्ध होने की उम्मीद है। हालांकि शुरुआत में इस अतिरिक्त एल्यूमिना को निर्यात बाजारों में भेजा जाएगा, लेकिन नालको अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति के तहत और इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए पूरे भारत में ग्रीनफील्ड एल्यूमीनियम परियोजनाएं स्थापित करने हेतु उपयुक्त स्थानों की सक्रिय रूप से तलाश कर रहा है। इस दिशा में नालको देश में 0.5 एमटीपीए क्षमता वाले एक नए ग्रीनफील्ड एल्यूमीनियम स्मेल्टर की स्थापना पर भी विचार कर रहा है, जिसका उद्देश्य अतिरिक्त एल्यूमिना को तैयार एल्यूमीनियम उत्पादों में बदलकर घरेलू मूल्यवर्धन करना है। यह रणनीतिक पहल भारत सरकार के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें घरेलू एल्यूमीनियम उत्पादन को बढ़ाने और देश के भीतर मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
