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दिविजा पॉल ने डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर चेन्नई में अंडर-13 एकल गोल्ड जीता

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अहमदाबाद, 5 नवंबर (आईएएनएस)। भारत की टॉप रैंक वाली अंडर-13 पैडलर दिविजा पॉल ने डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर चेन्नई 2026 में अंडर-13 एकल खिताब जीतकर इंटरनेशनल सर्किट पर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। साथ ही अंडर-15 मिक्स्ड डबल्स इवेंट के सेमीफाइनल में भी पहुंचीं।

अदाणी स्पोर्ट्सलाइन के ‘गर्व है’ एथलीट रोस्टर का प्रतिनिधित्व करते हुए, असम की इस युवा खिलाड़ी ने 23 से 26 अक्टूबर तक हुए टूर्नामेंट में हिस्सा लिया, जिससे उनके नाम एक और अंतरराष्ट्रीय खिताब जुड़ गया।

चेन्नई की जीत ने हाल के सप्ताह में दिविजा का दूसरा डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर एकल गोल्ड मेडल जीता, इससे पहले उन्होंने फिलीपींस के प्यूर्टो प्रिंसेसा में अंडर-13 कैटेगरी में जीत हासिल की थी। उन्होंने 2025 और 2026 में वडोदरा में हुए डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर इवेंट्स में क्रमशः अंडर-11 और अंडर-13 गोल्ड मेडल भी हासिल किए हैं।

जीत के बाद दिविजा ने कहा, “चेन्नई में ‘गर्व है’ जर्सी पहनकर जीतना एक ऐसा पल है जिसे मैं हमेशा याद रखूंगी। जब अदाणी स्पोर्ट्सलाइन ने मेरा साथ दिया, तो ऐसा लगा जैसे किसी को सच में यकीन था कि मैं जीत सकती हूं। हर बार जब मैं टेबल पर जाती हूं, तो वह यकीन मेरे साथ बढ़ता है। मैं इस सफर में मेरे और मेरे परिवार के साथ खड़े रहने के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहती हूं। मेरा फोकस अब जालंधर में होने वाली अल्टीमेट टेबल टेनिस (यूटीटी) चैंपियनशिप पर है।”

केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस), सिलचर में क्लास 7 की छात्रा दिविजा ने पहली बार छह साल की उम्र में टेबल टेनिस रैकेट उठाया था। नेशनल लेवल पर उन्हें सफलता 2023 में मिली जब उन्होंने पंचकूला में अंडर-11 कैटेगरी में अपना पहला खिताब जीता।

उन्होंने 2025 में दिल्ली में यूटीटी नेशनल रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप में अंडर-13 टाइटल जीता और उसी साल बाद में गांधीधाम में यूटीटी नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप में अंडर-13 डबल्स का ताज भी जीता।

इस महीने की शुरुआत में, उन्होंने पंचकूला में नेशनल रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप में अंडर-13 गर्ल्स कैटेगरी में कांस्य पदक जीता।

‘गर्व है’ पहल के तहत, अदाणी स्पोर्ट्सलाइन सितंबर 2026 से दिविजा को इंटरनेशनल-स्टैंडर्ड के उपकरण, घरेलू और विदेशी कॉम्पिटिशन के लिए यात्रा सुविधा और स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग सुविधाओं के जरिए सपोर्ट कर रही है।

इस सपोर्ट का मकसद युवा पडलर को बतौर खिलाड़ी अपना विकास जारी रखने में मदद करना है। दिविजा भारत के लिए ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतने के अपने सपने को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।