पटना, 5 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार में दीपावली और छठ महापर्व के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। त्योहारों के दौरान अस्पतालों में 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। वहीं, प्रमुख छठ घाटों पर मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों, जिला अस्पतालों, अनुमंडलीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने 6 से 17 नवंबर तक चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के अवकाश पर रोक लगाने का भी निर्देश दिया है।
विभाग के निर्देश के अनुसार, इस अवधि में सामान्य परिस्थितियों में स्वास्थ्यकर्मियों को अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। अपरिहार्य स्थिति में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से ही छुट्टी दी जा सकेगी। सभी अस्पतालों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ड्यूटी रोस्टर तैयार किया जाएगा। इसे आपातकालीन कक्ष और सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में जरूरी दवाओं, सर्जिकल सामग्री, आईवी फ्लूड और ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। पटाखों से जलने, चोट लगने, सांस संबंधी परेशानी और अन्य आपातकालीन मामलों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत बर्न वार्ड, क्रिटिकल केयर बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख और संवेदनशील घाटों पर मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएंगे। इन कैंपों में चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मियों की शिफ्टवार तैनाती होगी। इसके लिए सिविल सर्जनों को स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है।
विभाग ने सभी 102 और अन्य एम्बुलेंस सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया है। एम्बुलेंस में जीवनरक्षक उपकरण, प्राथमिक उपचार किट और पर्याप्त ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। भीड़भाड़ वाले स्थानों और प्रमुख छठ घाटों पर एम्बुलेंस की तैनाती की जाएगी, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके।
त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को विशेष जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। मिठाई, खोया, छेना, घी और खाद्य तेल की दुकानों एवं निर्माण इकाइयों की जांच की जाएगी। मिलावट पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। दीपावली के दौरान आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए अस्पतालों में अग्निशामक उपकरणों, फायर अलार्म और निकासी मार्गों की जांच की जाएगी।
अस्पताल परिसर में दीये, मोमबत्ती और पटाखों के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में 24 घंटे स्वास्थ्य नियंत्रण कक्ष संचालित करने का निर्देश दिया है। राज्य स्तर पर बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति का नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन नंबर 104 भी कार्यरत रहेगा। सभी जिलों से स्वास्थ्य सेवाओं की दैनिक रिपोर्ट मंगाई जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
