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गोकुल पर कब्जे के लिए पीछे का दरवाजा खोला, पांच लाख लोगों का किया अपमान : कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार

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मुंबई, 5 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महायुति गठबंधन और एनसीपी प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गोकुल जैसी तीन हजार करोड़ की संस्था पर कब्जे के लिए पिछला दरवाजा खोला गया है, जो पांच लाख लोगों का अपमान है। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले दो पार्टियां तोड़ीं और अब सहयोगी दलों के भी टुकड़े करने की तैयारी कर रही है।

वडेट्टीवार ने कहा, “यह तीन हजार करोड़ रुपए की संस्था है। यदि इसमें कोई दुरुस्ती का प्रावधान करना था, तो पहले करना चाहिए था। अगर महायुति के 13 सदस्य हो जाते, तो क्या वे यह बिल लाते? क्या सदस्य संख्या बढ़ाते? अब वे कहते हैं कि यह लोकशाही बचाने के लिए किया गया है। कैसी लोकशाही बचाने के लिए? जिसके पास बहुमत है, अगर पहली बैठक में आपके लोग खड़े हो जाते, तो संख्या 25 हो जाती। आपने जानबूझकर ऐसा नहीं किया।”

उन्होंने कहा, “दूसरी बैठक में कोरम (गणपूर्ति) का सवाल है तो उसकी आवश्यकता नहीं है। 13 सदस्यों में भी अध्यक्ष चुना जा सकता है। इसके लिए कोई उपस्थित रहे या न रहे, बैठक को एक घंटे के लिए स्थगित कर फिर से बुलाया जा सकता है। अब आपके दिमाग में बेईमानी है। लोगों ने आपको नकार दिया है। पांच लाख लोगों ने आपको नकारा है। लोगों का आप पर विश्वास नहीं है। जिस तरह राज्य को बर्बाद कर रहे हैं, देश को बर्बाद कर रहे हैं, उसी तरह गोकुल को भी बर्बाद करेंगे। लोगों को यह विश्वास हो गया था, इसलिए उन्होंने बंटी पाटिल के नेतृत्व में बनी समविचारी आघाड़ी को जिताया। उन्हें जनादेश मिला।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि फिर आगे का दरवाजा बंद हो गया तो पीछे का दरवाजा खोल लिया और एंट्री करके घर पर कब्जा कर लिया। तो यह पांच लाख लोगों का अपमान है। वह भी इस स्थिति में हमारे साथ खड़े हैं, महाराष्ट्र के साथ खड़े हैं और जो 9 नवंबर को मोर्चा होगा, तो निश्चित रूप से इसमें लोग शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र तो लूट लिया, अब गोकुल भी लूटना है। इनकी बुरी नजर है और इसलिए इन्होंने यह पिछला रास्ता चुना है। पहले दो पार्टियां तोड़ दी गईं। अब उनके साथ जो दो पार्टियां हैं, उनके भी चार टुकड़े कैसे किए जाएं, इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। महायुति की मुख्य पार्टी इस समय ऐसा माहौल बनाने में लगी है कि ये पार्टियां खुद ही सत्ता से बाहर हो जाएं, ताकि उनकी अकेले की सत्ता कायम रहे। इनकी जो जरूरत थी, वह अब खत्म हो चुकी है। इसलिए अब उन्हें उनकी कोई जरूरत नहीं रह गई है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मराठी में कहा जाता है, “गरज सरो, वैद्य मरो”, यानी गरज पूरी हो गई, तो जिस डॉक्टर ने इलाज किया, वह मरे या बचे, उससे कोई मतलब नहीं। वैसा ही काम इनका चल रहा है।