राजकोट, 6 नवंबर (आईएएनएस)। गुजरात के राजकोट जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में खुले पनीर के चार नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। वहीं, दिवाली से पहले विशेष जांच अभियान के दौरान राजकोट नगर निगम (आरएमसी) ने 269 किलोग्राम बासी, एक्सपायर्ड और खाने योग्य नहीं रह गई खाद्य सामग्री नष्ट कर दी।
अधिकारियों के अनुसार, खाद्य विभाग की निगरानी जांच के दौरान अलग-अलग प्रतिष्ठानों से खुले पनीर के चार नमूने एकत्र किए गए थे। प्रयोगशाला में जांच के बाद सभी चार नमूनों को घटिया गुणवत्ता का घोषित किया गया।
लाटी प्लॉट स्थित फॉर्च्यून मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स से लिए गए एक नमूने में बाहरी वसा (फॉरेन फैट) की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। वहीं, पुनीतनगर मेन रोड स्थित श्री गायत्री डेयरी फार्म से लिए गए नमूने में मिल्क फैट की मात्रा निर्धारित मानक से कम मिली।
इसके अलावा मोरबी रोड पर सैटेलाइट चौक के पास प्रकाशभाई प्रवीणभाई हरसोडा और गोंडल रोड स्थित विजय प्लॉट-11 के भगवती ट्रेडिंग से लिए गए नमूनों में भी मिल्क फैट की मात्रा निर्धारित स्तर से कम पाई गई। इन दोनों नमूनों में नमी और बाहरी वसा की मात्रा भी निर्धारित मानकों से अधिक थी। नगर निगम ने बताया कि संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ निर्णयन (एडजुडिकेशन) की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
दिवाली के दौरान मिलावट और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री तैयार करने तथा बेचने पर रोक लगाने के लिए खाद्य विभाग ने शहर में विशेष अभियान चलाया। इस दौरान कुल 62 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान 269 किलोग्राम बासी, एक्सपायर्ड, बची हुई और अन्य अखाद्य खाद्य सामग्री नष्ट की गई। भंडारण व्यवस्था, लाइसेंस और स्वच्छता से जुड़ी कमियों को लेकर दो प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए, जबकि कुल 11,000 रुपये प्रशासनिक शुल्क वसूला गया।
सबसे अधिक खराब सामग्री मोरबी रोड पुल के नीचे सीताराम नगर स्थित चामुंडा फरसान में मिली। अधिकारियों ने यहां करीब 251 किलोग्राम सामग्री नष्ट की। इसमें फरसान बनाने में इस्तेमाल होने वाला 21 किलोग्राम वाशिंग सोडा, 180 किलोग्राम बासी मसाला पापड़ी, 30 किलोग्राम मसाला सेव और 20 किलोग्राम मसाला बूंदी शामिल थी। प्रतिष्ठान को अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री रखने और लाइसेंस संबंधी उल्लंघनों को लेकर नोटिस जारी किया गया। साथ ही 5,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
सत्य साईं रोड स्थित द हैम्पर स्टोर में भी एक्सपायर्ड चॉकलेट मोल्ड, उनसे तैयार करीब 9 किलोग्राम चॉकलेट और लगभग 18 किलोग्राम डार्क चॉकलेट नष्ट की गई। लाइसेंस संबंधी कमी को लेकर प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया और 2,000 रुपये प्रशासनिक शुल्क वसूला गया। मावड़ी मेन रोड स्थित अवध डेयरी फार्म को स्वच्छता संबंधी कमियों को लेकर नोटिस दिया गया। यहां से खुले मिश्रित दूध का नमूना भी एकत्र किया गया।
खाद्य विभाग ने चामुंडा फरसान से खुले सेव, मसाला पापड़ी, मसाला गाठिया और पोहा चिवड़ा के चार नमूने एकत्र किए। इसके अलावा अवध डेयरी फार्म से खुले मिश्रित दूध का नमूना लिया गया। इन सभी पांच नमूनों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। जांच अभियान के तहत प्रगति कॉम्प्लेक्स, राजनगर चौक, मयानी नगर रोड, अंबिका टाउनशिप और नाना मावा रोड सहित शहर के विभिन्न इलाकों में खाद्य दुकानों, रेस्तरां, डेयरी फार्म, किराना दुकानों, फरसान की दुकानों, बेकरी और दवा दुकानों का निरीक्षण किया गया।
कई प्रतिष्ठानों को खाद्य लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए। इनमें प्रगति कॉम्प्लेक्स स्थित शिवम मेडिसिन्स, प्रतीक मेडिसिन्स, श्री गणेश डेयरी फार्म, सुमित प्रोविजन स्टोर, चित्रा प्रोविजन स्टोर्स और सतनाम जनरल स्टोर्स शामिल हैं। इन छह प्रतिष्ठानों से 500-500 रुपये प्रशासनिक शुल्क वसूला गया। वहीं, जीवराज पार्क स्थित कृष्णा ट्रेडिंग से 1,000 रुपये लिए गए।
राजकोट नगर निगम ने कहा कि त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और प्रतिष्ठानों में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं।
