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‘हिंदुत्व सनातन धर्म नहीं है’: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह

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नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। ‘हिंदुत्व’ को लेकर अपने बयान पर उठे विवाद के बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को दिवंगत वीर सावरकर का हवाला देते हुए कहा कि ‘हिंदुत्व सनातन धर्म नहीं है’।

दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि नफरत फैलाना हिंदुत्व है, जिसे आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) करते हैं, जो वीर सावरकर को अपना नेता मानते हैं।

यहां पत्रकारों से बात करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि क्या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सनातन धर्म में विश्वास करते हैं या नहीं।

उन्होंने दावा किया कि हिंदुत्व सनातन धर्म नहीं है। स्वयं सावरकर ने यह कहा था, और ‘हिंदुत्व’ शब्द का प्रयोग करने वाले वे पहले व्यक्ति थे।

दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि मैंने हमेशा यही कहा है कि हमारा धर्म सनातन धर्म है, जो इस देश में हजारों वर्षों से विद्यमान है। जब भी कोई धार्मिक आयोजन होता है, हम क्या नारे लगाते हैं? ‘बुराई पर अच्छाई की विजय हो (धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो), सभी प्राणियों में सद्भाव हो और संसार समृद्ध हो।’

उन्होंने कहा कि यही हमारा सनातन धर्म है, जिसमें ये लोग विश्वास नहीं करते। वे हिंदुत्व को सनातन धर्म मानते हैं। हम इसे कैसे स्वीकार कर सकते हैं?

यह घटना शुक्रवार को कांग्रेस नेता द्वारा भाजपा पर हिंदुत्व की व्याख्या को लेकर किए गए हमले के बाद सामने आई है। दिग्विजय सिंह का दावा है कि यह विचारधारा हिंदू धर्म के बजाय घृणा को बढ़ावा देती है और इसका सनातन धर्म से कोई संबंध नहीं है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने सनातन धर्म का मुद्दा उठाने के बाद ही भाजपा ने इस पर बात करना शुरू किया। उनका धर्म हिंदुत्व है, सनातन नहीं। हिंदुत्व घृणा फैलाता है, हिंदू धर्म नहीं। स्वयं सावरकर ने कहा था कि हिंदुत्व का धर्म से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म सभी धर्मों का सम्मान करने और विश्व कल्याण के लिए काम करने का प्रतीक है। इसके विपरीत, उन्होंने आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों पर घृणा को बढ़ावा देने वाली विचारधारा का पालन करने का आरोप लगाया।

दिग्विजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने उनके द्वारा यह मुद्दा उठाने के बाद ही सनातन धर्म का जिक्र करना शुरू किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की वैचारिक समझ सनातन धर्म के व्यापक दर्शन के बजाय हिंदुत्व में निहित है।