नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर की गई टिप्पणी के बाद बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के कई नेताओं ने नितिन नवीन के बयान का समर्थन करते हुए सपा और कांग्रेस पर परिवारवाद, तुष्टिकरण की राजनीति और माफिया संरक्षण को लेकर निशाना साधा है। वहीं, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की लोकप्रियता से परेशान होकर इस तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं।
मुंबई में शिवसेना नेता शाइना एनसी ने विपक्षी नेताओं पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को भगवान राम याद नहीं आते, लेकिन वे अयोध्या को लेकर टिप्पणियां जरूर करते हैं। उन्होंने दिवाली के अवसर पर दुनियाभर में चर्चा का विषय बने दीपोत्सव का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या अखिलेश यादव ने कभी कहा कि वह अयोध्या जाकर सभी के साथ दिवाली मनाएंगे? शाइना एनसी ने कहा कि केवल वोट बैंक की राजनीति करने वालों को आगामी चुनावों में जनता की ओर से उचित जवाब मिलेगा।
अयोध्या में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। नितिन नवीन के बयान पर उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि अखिलेश यादव गुंडों और माफिया को पालते हैं।
दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने नितिन नवीन की टिप्पणी को सही बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी अपने परिवार से आगे नहीं सोचते। दोनों नेताओं की राजनीति परिवार तक सीमित है। उन्होंने अखिलेश यादव पर सनातन को लेकर भी टिप्पणी की। सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव शुरुआती दिनों में सनातन की बात करते हैं और खुद को भगवान कृष्ण के बराबर मानते हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्होंने टोपी पहनना भी बंद कर दिया है, लेकिन लोगों को उनकी असलियत पता है।
लखनऊ में मंत्री संजय निषाद ने भी नितिन नवीन के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर देश में परिवारवाद को बढ़ावा नहीं दिया जाता तो स्वतंत्रता संग्राम में अपना जीवन समर्पित करने वाले और देश के लिए बलिदान देने वाले परिवारों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं रहना पड़ता। उन्होंने उन लोगों का उल्लेख किया जो स्वतंत्रता आंदोलन में फांसी पर चढ़े, विस्थापित हुए और आज भी गरीब, भूमिहीन और बेघर हैं। ऐसे लोगों को उनका उचित अधिकार और हिस्सा नहीं मिल पाया।
उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी नितिन नवीन की टिप्पणी को 100 प्रतिशत सही बताया। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर माफिया से संबंध रखने का आरोप लगाया। राजभर ने कहा कि अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे माफिया सपा के साथ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बड़े माफिया, नेताओं के साथ घूमते थे और उनके मंचों से माफिया के करीबियों के साथ हाथ मिलाने की तस्वीरें भी देखने को मिलती थीं। इस तरह के संबंधों को लोग कभी गर्व की बात समझते थे।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों का विरोध किया। लखनऊ में कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने राहुल गांधी और उनके परिवार के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा में इस परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का उल्लेख किया। आराधना मिश्रा ने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करते हुए 32 गोलियां अपने सीने पर खाईं, जबकि राजीव गांधी ने भी देश की एकता और अखंडता के लिए बलिदान दिया। इस परिवार ने देश की एकता और अखंडता के लिए कभी किसी के सामने घुटने नहीं टेके।
अयोध्या में समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता, उनकी विश्वसनीयता और जनता के बीच उनके प्रति बढ़ते स्नेह से भाजपा के नेता और संगठन के लोग परेशान हैं। इसी वजह से वे तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन हथकंडों का 2027 के चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सिद्धार्थनगर में भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने नितिन नवीन की टिप्पणी को वास्तविकता बताया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों में परिवार के सदस्यों का ही नेतृत्व दिखाई देता है। कांग्रेस में राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा गांधी और सोनिया गांधी के नाम सामने आते हैं, जबकि समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव, धर्मेंद्र यादव और रामगोपाल यादव प्रमुख हैं। इसके विपरीत भाजपा में एक सामान्य कार्यकर्ता भी देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे गांवों से आने वाले पार्टी कार्यकर्ता आज बड़े पदों पर हैं। सपा और कांग्रेस में भविष्य में भी किसी दूसरे व्यक्ति के पार्टी अध्यक्ष बनने की संभावना नजर नहीं आती।
बेंगलुरु में कांग्रेस एमएलसी रमेश बाबू ने नितिन नवीन पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अपने ही विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार चुके हैं और इसी निराशा में राहुल गांधी के बारे में बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोग एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी की ओर से शुरू किए गए आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। कांग्रेस का संघर्ष भारत के वास्तविक मतदाताओं को बचाने के लिए है और पार्टी लगभग 14 करोड़ से अधिक वोटों को सुरक्षित रखने की लड़ाई लड़ रही है।
दिल्ली में कांग्रेस नेता उदित राज ने भाजपा पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी काम करना और विकास सुनिश्चित करना है, लेकिन वह अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय सड़कों पर उतरकर पदयात्राएं, प्रदर्शन और रैलियां कर रही है। उन्होंने कहा कि क्या सत्ता में बैठी कोई पार्टी इस तरह के आंदोलन करती है? प्रदर्शन और आंदोलन विपक्ष की जिम्मेदारी होते हैं, लेकिन सरकार विपक्ष पर ही अराजकता फैलाने का आरोप लगा रही है। कांग्रेस ने संविधान बनाया और लोकतंत्र को मजबूत किया है, इसलिए वह अपने ही सिद्धांतों के खिलाफ काम कैसे कर सकती है?
मुंबई में भाजपा विधायक आर. तमिल सेल्वन ने भी नितिन नवीन के बयान का समर्थन किया। उन्होंने उन्हें भाजपा का सम्मानित नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष बताते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी सही है। उन्होंने कांग्रेस पर विदेशी फंडिंग पर निर्भर होने का आरोप लगाया और कहा कि राहुल गांधी तथा उनका परिवार भी इसी पर निर्भर है। सेल्वन ने दावा किया कि कांग्रेस के पास अब भारत में कार्यकर्ता नहीं बचे हैं और पार्टी समाप्ति की ओर है। भाजपा देश के 22 राज्यों में सत्ता में है। कांग्रेस छह राज्यों में और अन्य दल तीन राज्यों में सत्ता में हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के हाथ से ये छह राज्य भी जल्द निकल जाएंगे।
