चिक्काबल्लापुर (कर्नाटक), 7 नवंबर (आईएएनएस)। सेनेगल के डकार में आयोजित यूथ ओलंपिक गेम्स 2026 में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पात्री ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला एकल स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
महज 15 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करते हुए उन्होंने इतिहास रच दिया। वह यूथ ओलंपिक गेम्स के बैडमिंटन इतिहास में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला शटलर बनीं। इस उपलब्धि के साथ तन्वी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय बैडमिंटन को नई पहचान दिलाई है। तन्वी ने इस उपलब्धि पर गर्व जताया है।
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपनी इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए तन्वी ने कहा कि अपने देश का प्रतिनिधित्व करना और उसके लिए मेडल जीतना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर खेलते समय उन्होंने दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया। उनका पूरा ध्यान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और गलतियों को कम करने पर था।
खिताबी मुकाबले में तन्वी को मौजूदा वर्ल्ड जूनियर चैंपियन चीन की झांग यी शिन के विरुद्ध हार का सामना करना पड़ा। तन्वी ने छह मैच प्वाइंट बचाए और खुद गोल्ड मेडल जीतने के तीन मौके भी गंवाए। इसके बावजूद वह मुकाबले को 21-15, 13-21, 24-26 से गंवा बैठीं।
तन्वी के मुताबिक, टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला उनके लिए सबसे मुश्किल रहा। तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच स्कोर बराबरी पर चल रहा था, जिसके कारण मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण हो गया। हालांकि, सिल्वर मेडल जीतने के बावजूद वह अपने प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर वह फाइनल में थोड़ा और सकारात्मक होकर खेलतीं और अपनी गलतियां कम करतीं, तो बेहतर परिणाम हासिल कर सकती थीं।
अपनी उपलब्धि का श्रेय देते हुए तन्वी ने सबसे पहले अपने माता-पिता का धन्यवाद किया। इसके अलावा, उन्होंने अपने कोचों और सपोर्ट स्टाफ के योगदान की भी सराहना की। तन्वी ने बताया कि उन्हें टीम इंडिया और अपने स्पॉन्सर से काफी सहयोग मिला।
भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए तन्वी ने कहा कि उनका लक्ष्य लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है। इसके अलावा, वह अगले साल एशियन जूनियर और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीतना चाहती हैं।
