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भाजपा जिस तरह परिसीमन करना चाहती है, वह लोकतंत्र के लिए खतरनाक : अशोक गहलोत

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जोधपुर, 8 नवंबर (आईएएनएस)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

गहलोत ने कहा कि राजस्थान का सौभाग्य है कि यहां सभी जातियों और वर्गों के लोगों के बीच आपसी प्रेम, मोहब्बत और भाईचारे की परंपरा रही है। यही प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और इसे बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

पंचायत चुनावों के सवाल पर गहलोत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नगर निगम, नगरपालिका और नगर परिषद चुनावों में परिसीमन को लेकर बेईमानी की गई और पुलिस का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतंत्र की हत्या के समान है। पंचायती राज चुनावों में भी इसी तरह परिसीमन किया गया है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर देश में लोकतंत्र और जम्हूरियत को बचाना है तो आम जनता को आगे आकर सोचना होगा कि कौन सही है और कौन गलत है। यदि विपक्ष गलत है तो उसे जवाब दिया जाए और यदि सत्ता पक्ष गलत है तो उसके खिलाफ भी आवाज उठाई जाए। ऐसा नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

गहलोत ने लोकसभा और विधानसभा सीटों के परिसीमन को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून बन चुका है और कांग्रेस चाहती है कि इसे जल्द लागू किया जाए। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी भी लगातार महिला आरक्षण की बात उठा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जिस तरह परिसीमन करना चाहती है, वह बेहद खतरनाक है। यदि परिसीमन की प्रक्रिया पर सत्ता पक्ष का एकाधिकार हो गया तो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि देश में ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पर एक ही दल का नियंत्रण हो जाए।

गहलोत ने पश्चिम बंगाल की राजनीति का उदाहरण देते हुए भाजपा पर विपक्ष को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद विपक्षी विधायकों को तोड़कर नेता प्रतिपक्ष बनाने की स्थिति लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है। भाजपा चाहती है कि कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष कमजोर हो जाए और सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष की भूमिका भी उसी के नियंत्रण में रहे।

एसआईआर को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर गहलोत ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक लोकतंत्र बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं के आंदोलन को अराजकता बताने वाले बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के आंदोलनों में पूरी तरह अनुशासन रहा है और कहीं हिंसा नहीं हुई है।

गहलोत ने कहा कि भाजपा के मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों सहित कई नेता सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है और आम जनता तथा व्यापारियों को परेशानी हो रही है। इसके बावजूद सरकार के पास इन समस्याओं का कोई ठोस जवाब नहीं है। लोकतंत्र को बचाने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज उठानी होगी।