कोलकाता, 8 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से माफी मांगी। यह माफी पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान इस केंद्रीय सशस्त्र बल के साथ किए गए बर्ताव को लेकर मांगी गई है।
दीवाली के मौके पर मुख्यमंत्री उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज पहुंचे।
वे कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर के जरिए हिंगलगंज स्थित बीएसएफ कैंप पहुंचे।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा, “मैं पिछली (तृणमूल कांग्रेस) सरकार के बर्ताव के लिए बीएसएफ से माफी मांगता हूं।”
दीवाली के अवसर पर, राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से बीएसएफ को शुभकामनाएं दीं।
बीएसएफ कैंप में बोलते हुए सीएम अधिकारी ने कहा कि राज्य की पिछली (तृणमूल कांग्रेस) सरकार ने बीएसएफ के साथ जैसा बर्ताव किया और जिस तरह से उनका इस्तेमाल किया, उसके लिए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर मैं पिछली सरकार की इस गलत हरकत के लिए माफी मांगता हूं। उन्होंने बीएसएफ और सीआरपीएफ के लिए जिन बुरे शब्दों का इस्तेमाल किया… अंत में, आम लोगों ने इसका जवाब दे दिया है। यह स्वामी विवेकानंद की धरती है। उन्होंने कहा था कि जो हो गया उसे पीछे छोड़ दें और आगे बढ़ें। अब हमें आगे बढ़ना है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमें देश को सुरक्षित रखना है। हमें सीमा को सुरक्षित करना है। पिछली सरकार (तृणमूल कांग्रेस) ने (भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए) जमीन नहीं दी। भारत सरकार ने बार-बार कोशिश की, लेकिन फिर भी उन्होंने हमें जमीन नहीं दी। हमारे लिए देश सबसे पहले है। इसीलिए हम ये सब काम कर रहे हैं। अब अच्छा तालमेल बन गया है। इस संबंध में एक समन्वय बैठक भी हुई थी।
उन्होंने कहा कि राज्य में सत्ता में आने के बाद, मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने इतने कम समय में बहुत काम किया है, जिसमें सीमा सुरक्षा को मजबूत करना भी शामिल है।
उन्होंने आगे कहा कि हम आने वाले दिनों में भी मिलकर काम करेंगे।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने पहली बार बीएसएफ कैंप में जवानों के साथ दिवाली मनाई, एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और मिठाइयां बांटीं।
मुख्यमंत्री के साथ पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक सिद्धार्थ नाथ गुप्ता भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने हिंगलगंज पुलिस स्टेशन के पास बने पूजा मंडप का भी दौरा किया। इसके बाद, वे हिंगलगंज कॉलेज के मैदान से हेलीकॉप्टर के जरिए कोलकाता एयरपोर्ट लौटेंगे।
