श्रीनगर, 8 नवंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर शहर में पुलिस ने चार वांछित आतंकवादियों के पोस्टर जारी किए हैं। इन चारों के बारे में विश्वसनीय जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणा की है।
जिनके पोस्टर लगाए गए हैं, उनमें सोपोर का बिलाल अहमद मीर, बारामूला का आबिद कयूम लोन, कुलगाम का मोहम्मद लतीफ भट और सोपोर का मोहम्मद उमर मीर शामिल हैं।
पोस्टर पर वांछित आतंकवादियों की तस्वीरें हैं और कैप्शन में लिखा है, “जो कोई भी इन आतंकवादियों की गतिविधियों/उपस्थिति के बारे में विश्वसनीय जानकारी देगा, सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और विश्वसनीय जानकारी के लिए इनाम दिया जाएगा।”
जम्मू-कश्मीर पुलिस सक्रिय आतंकवादियों का पता लगाने, गोपनीय खुफिया जानकारी जुटाने और घाटी भर में नेटवर्क को नष्ट करने के लिए वांछित पोस्टर, लुकआउट नोटिस और सार्वजनिक इनाम घोषणाओं को आतंकवाद-विरोधी रणनीति के रूप में इस्तेमाल करती है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस अक्सर हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों के आतंकवादियों की तस्वीरों, नामों और पैतृक गांवों वाले उर्दू और अंग्रेजी पोस्टर जारी करती है। कार्रवाई योग्य, गोपनीय जानकारी के लिए नियमित रूप से 5 लाख रुपए से 20 लाख रुपए तक के नकद इनाम की घोषणा की जाती है।
स्थानीय नेटवर्क पर दबाव बनाने और जनता से सूचनाएं प्राप्त करने के लिए श्रीनगर के एम.ए. रोड, नौगाम और दक्षिण कश्मीर के विभिन्न स्थानों (पुलवामा, कुलगाम और अनंतनाग) जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थानों और आवागमन मार्गों पर व्यवस्थित रूप से पोस्टर चिपकाए जाते हैं।
पहलगाम हमले जैसी बड़ी सुरक्षा घटनाओं के बाद, सुरक्षा एजेंसियों ने दक्षिण कश्मीर भर में प्रमुख संदिग्धों के पोस्टर चिपकाए, जिन पर 20 लाख रुपए जैसे इनामों की घोषणा की गई थी।
अक्टूबर 2025 में श्रीनगर के नौगाम में कमांडर हंजला भाई जैसे लोगों के हस्ताक्षर वाले जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआती चेतावनी साबित हुए।
सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि पोस्टर किसने चिपकाए थे, जिसके आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बहु-राज्यीय आतंकी नेटवर्क और विस्फोटक सामग्री के नियोजित भंडारों से जुड़े एक ड्रोन मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया।
पुलिस नोटिसों में लगातार इस बात पर जोर दिया जाता है कि मुखबिरों की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है, साथ ही इसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर और गुमनाम सूचना देने के चैनल भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
