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आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में टीडीपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 85 प्रतिशत जेडपीटीसी और 75 प्रतिशत एमपीटीसी सीटें जीतीं

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अमरावती, 8 नवंबर (आईएएनएस)। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाले एनडीए ने 582 जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों (जेडपीटीसी) में से 499 और 7,768 मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों (एमपीटीसी) में से 5,861 सीटें जीती हैं।

विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी), टीडीपी के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जिसने 76 जेडपीटीसी और 1,711 एमपीटीसी सीटें जीतीं।

राज्य चुनाव आयोग ने रविवार रात मतगणना के अंतिम परिणाम जारी किए।

5 नवंबर को 28 जिलों में 582 जेडपीटीसी और 7,767 एमपीटीसी सीटों के लिए मतदान हुआ था। इससे पहले, 77 जेडपीटीसी और 2,051 एमपीटीसी सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे।

टीडीपी और उसके सहयोगियों – जन सेना पार्टी (जेएसपी) तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) – ने अधिकांश सीटों पर जीत हासिल की है।

टीडीपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जिसने 406 जेडपीटीसी और 4,806 एमपीटीसी सीटें जीतीं।

उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जेएसपी ने 73 जेडपीटीसी और 938 एमपीटीसी सीटें हासिल कीं। भाजपा ने 20 जेडपीटीसी और 117 एमपीटीसी सीटें जीतीं।

वाईएसआरसीपी ने इस बार बेहतर प्रदर्शन किया और 76 जेडपीटीसी तथा 1,711 एमपीटीसी सीटें जीतीं।

कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला, जबकि सीपीआई-एम ने एक जेडपीटीसी और 15 एमपीटीसी सीटें जीतीं।

जेडपीटीसी चुनावों में छह निर्दलीय उम्मीदवार जीते, जबकि एमपीटीसी चुनावों में 162 निर्दलीय उम्मीदवार चुने गए।

सत्ताधारी टीडीपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने ज्यादातर जिलों में चुनाव में बड़ी जीत हासिल की।

श्री सत्य साईं जिले की 32 जेडपीटीसी सीटों में से टीडीपी ने 21 और वाईएसआरसीपी ने 9 सीटें जीतीं।

तिरुपति जिले में, टीडीपी ने 31 में से 21 सीटें हासिल कीं। वाईएसआरसीपी छह सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।

वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी के गृह जिले, वाईएसआर कड़पा में उनकी पार्टी 16 जेडपीटीसी सीटों में से केवल दो ही जीत सकी।

टीडीपी ने 12 सीटें जीतीं, जबकि बाकी दो सीटें जेएसपी के खाते में गईं।

वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के कार्यकाल में स्थानीय निकाय चुनावों में लगातार गड़बड़ियां हो रही हैं।

उन्होंने दावा किया कि नगर निकाय चुनावों की मतगणना की तरह ही, जेडपीटीसी और एमपीटीसी चुनावों की गिनती के दौरान भी कई जिलों में अधिकारियों पर नतीजों में हेरफेर करने के लिए दबाव डाला गया था।

जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि हर कदम पर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। चंद्रबाबू नायडू भले ही चुनाव जीत गए हों, लेकिन उन्हें नैतिक हार का सामना करना पड़ा है। हम भले ही चुनाव हार गए हों, लेकिन हमने लोगों का दिल जीत लिया है।

उन्होंने कहा कि सत्ता किसी को चुनाव जिताने में तो मदद कर सकती है, लेकिन इससे लोगों का भरोसा नहीं जीता जा सकता। लोकतंत्र को दबाया जा सकता है, लेकिन लोगों की आकांक्षाओं को खामोश नहीं किया जा सकता। मैं अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं—खासकर महिलाओं—को सलाम करता हूं, जो बाधाओं, हमलों और धमकियों के बावजूद लोकतंत्र की रक्षा के लिए डटे रहे।