मुन्ना शुक्ला मामले में कोर्ट के निर्णय से राजद परिवार आहत, लेकिन निराश नहीं : शक्ति यादव

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पटना, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने गुरुवार को बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड मामले में सुनवाई करते हुए राजद नेता विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला समेत दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों को सिविल कोर्ट द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। साथ ही इन्हें तीन हफ्ते के अंदर सरेंडर करने का आदेश जारी किया।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर सियासत गरमा गई है। आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि, मुन्ना शुक्ला को लेकर जो न्यायिक निर्णय आया है, उससे हम आहत हैं। राजद परिवार दुखी है। कोर्ट के निर्णय पर कोई टिप्पणी नहीं की जाती है। मैं यह बात बड़ी ईमानदारी से कहता चाहूंगा कि इन दिनों ब्राह्मण समाज में यह चर्चा का विषय है कि राजद में जाने के बाद ब्राह्मण नेताओं को कमजोर करने की कोशिश कुछ लोग क्यों करते हैं।

उन्होंने कहा कि, मुन्‍ना शुक्‍ला वैशाली से चुनाव लड़े थे और उन्होंने अच्छी टक्‍कर दी थी। इससे सत्ता प्रतिष्ठान हिल गया था। जो भी न्याय के निर्णय आते हैं, वो जांच के आलोक में आते हैं। कई राज्यों की पुलिस जिनको ढूंढ रही थी, वह भी इस मामले में बरी हो गए हैं, क्योंकि न्यायिक निर्णय सबूतों के आधार पर आता है और जांच पुलिस करती है। जांच की रिपोर्ट जिस स्वरूप में न्यायालय में पेश किया जाता है, उसके आधार पर फैसले दिये जाते हैं। मुन्ना शुक्ला मामले में हम लोगों को दुख पहुंचा है और आहत हुए हैं, लेकिन निराश नहीं। न्यायालय पर हम लोगों का भरोसा कायम है। गौरतलब है क‍ि मामले में पूर्व सांसद सूरजभान सिंह और राजन तिवारी समेत बाकी आरोपियों को बरी कर दिया गया है।

2024 लोकसभा चुनाव में मुन्ना शुक्ला राजद के टिकट पर वैशाली संसदीय सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे। हालांकि, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की उम्मीदवार वीणा देवी ने उन्हें बड़े अंतर से चुनाव हराया था।