Thursday, June 25, 2026
SGSU Advertisement
Home अंतर्राष्ट्रीय 7 अक्टूबर का हमला: आईडीएफ ने हमास आतंकियों के हथियार और वाहनों...

7 अक्टूबर का हमला: आईडीएफ ने हमास आतंकियों के हथियार और वाहनों को प्रदर्शनी में दिखाया

0
72

तेल अवीव, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने रविवार को हमास आतंकवादियों से जुड़े सामान का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में वे वाहन और उपकरण रखे गए जिनके साथ हमास आतंकवादियों ने ‘7 अक्टूबर’ के हमले में इजरायल में घुसपैठ की थी। पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास आतंकियों ने इजरायल पर बड़ा हमला किया था।

प्रदर्शनी में रखे गए सामान में वैन, मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर, वर्दी, टैंक रोधी मिसाइलें, आरपीजी रॉकेट, मिसाइलें, हथियार और ग्रुप के मानव रहित एरियल व्हीकल शामिल हैं।

प्रदर्शनी ‘लूट रिमूवल यूनिट’ के नेतृत्व में इजरायली टेक्नोलॉजी और रसद विभाग द्वारा जेरिफिन में आयोजित की गई।

यह आगामी सप्ताह भी जारी रहेगी। राजनयिक, अंतर्राष्ट्रीय शोध संस्थानों के प्रतिनिधि और विदेशी पत्रकार भी इसे देखने आएंगे।

आईडीएफ ने रविवार को कहा कि ‘लूट रिमूवल यूनिट’ ने करीब 70,000 चीजों को जब्त किया। इनमें 1,250 एंटी-टैंक मिसाइल, आरपीजी और लगभग 4,500 चार्ज शामिल हैं। यह यूनिट प्रदर्शनी में दिखाए गए हथियारों को इकट्ठा करने के लिए जिम्मेदार है।

7 अक्टूबर का हमला इजरायल के लिए बड़ा झटका था। होलोकॉस्ट के बाद एक ही दिन में यहूदी लोगों पर हुआ यह सबसे घातक हमला था। इसमें करीब 1200 इजरायलियों की मौत हो गई जबकि 250 से ज्यादा को बंधक बना लिया गया था।

इसके बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी और गाजा पट्टी में सैन्य ऑपरेशन शुरू किया। इजरायली हमलों की वजह से गाजा में बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ है।

अलजजीरा की रविवार की एक रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में इजरायली हमलों में कम से कम 41,870 लोग मारे गए हैं और 97,166 घायल हुए हैं। गाजा में इजरायल का सैन्य अभियान जारी है।

इस बीच पिछले कई दिनों से इजरायल लेबनान में भारी हवाई हमले कर रहा है। उसका कहना है कि इस कार्रवाई में हिजबुल्लाह के सदस्यों और ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके साथ ही यहूदी राष्ट्र ने लेबनान में ‘सीमित’ जमीनी सैन्य अभियान भी शुरू किया है।

इजरायली हमलों के कारण लेबनान में भारी तबाही हुई है। लेबनान में विस्थापित लोगों की कुल संख्या लगभग 12 लाख हो गई है। यह जानकारी लेबनानी मंत्रिपरिषद की डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट यूनिट ने अपनी एक रिपोर्ट में दी है।