तेहरान, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि इजरायल में अपने सैनिकों को तैनात करके अमेरिका इनकी जान खतरे में डाल रहा है। उनका रिएक्शन उन रिपोर्टों पर आया जिनमें कहा गया कि वाशिंगटन ने इजरायल को टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (थाड) सिस्टम भेजने का फैसला किया है और इस सिस्टम को मैनेज करने के लिए अमेरिकी कर्मियों की जरूरत होगी।
अराघची ने रविवार को सोशल मीडिया पर यह टिप्पणी की। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मंत्री ने अमेरिका पर इजरायल को ‘अभूतपूर्व स्तर की सैन्य मदद’ प्रदान करने का आरोप लगाया। उन्होंने आंकड़ें भी साझा किए जिनके मुताबिक 2024 में इजरायल को अमेरिकी सैन्य सहायता 17.9 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी, जो एक रिकॉर्ड होगा।
अराघची ने कहा, “अमेरिका इजरायल को रिकॉर्ड स्तर पर हथियार मुहैया करा रहा है।”
पेंटागन ने शुक्रवार को कहा कि वह ईरानी मिसाइल हमलों के बाद इजरायल की मिसाइल रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए वहां थाड बैटरियां तैनात करेगा। थाड एक रक्षात्मक प्रणाली है जो सामने से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है।
1 अक्टूबर को, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इजरायली ठिकानों पर लगभग 180 मिसाइलें दागीं।
ईरान की ओर से 1 अक्टूबर की रात इजरायल पर बड़ा मिसाइल अटैक किया गया। इजरायल के चैनल 13 टीवी समाचार के मुताबिक ईरान की ओर से कम से कम 200 जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें दागी गईं, जिससे पूरे देश में सायरन बजने लगे और लाखों लोग शेलटर्स की ओर भागे।
ईरान का कहना है कि यह बमबारी हमास के राजनीतिक नेता इस्माइल हानिया, हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अब्बास निलफोरुशन की हत्याओं के जवाब में की गई।
बता दें ईरान हमास और हिजबुल्लाह को खुलकर समर्थन देता आया है।
ईरानी हमले के कुछ घंटों बाद, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा, “ईरान ने आज रात एक बड़ी गलती की है, और उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
–आईएएनएस
एमके/


