नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली में लगातार खतरनाक स्तर पर बने प्रदूषण के बीच ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) के चौथे चरण को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ग्रेप-4 केवल कागजों तक सीमित रह गया है, जबकि जमीनी स्तर पर इसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि राजधानी में प्रदूषण चरम पर होने के बावजूद भाजपा सरकार के मंत्रियों के निर्वाचन क्षेत्रों में खुलेआम निर्माण कार्य जारी है। सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के निर्वाचन क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य को दिखाया गया है।
उन्होंने कहा कि ग्रेप-4 लागू होने के बाद भी न तो निजी निर्माण कार्य रोके गए हैं और न ही सरकारी ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि “कागजों में तो ग्रेप-4 लागू है, लेकिन जमीन पर एक्शन जीरो है।”
भारद्वाज ने इसे सरकार की प्रदूषण नियंत्रण को लेकर गंभीरता पर बड़ा सवाल बताया। इस वीडियो में आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह भी नजर आते हैं, जो मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण करते हैं। जरनैल सिंह ने वहां मौजूद मजदूरों से बातचीत की और स्पष्ट कहा कि जब दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बेहद खराब श्रेणी में है, तब इस तरह के निर्माण कार्य प्रदूषण को और बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केवल निजी ही नहीं, बल्कि सरकारी निर्माण कार्य भी बिना किसी रोक-टोक के जारी हैं, जो ग्रेप-4 के नियमों का सीधा उल्लंघन है। जरनैल सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि ग्रेप-4 लागू होने के बावजूद दिल्ली में प्रतिबंधित कमर्शियल वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा पैसे लेकर इन वाहनों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है, जिससे प्रदूषण पर नियंत्रण का उद्देश्य पूरी तरह विफल हो रहा है।
उनका कहना था कि ग्रेप की पाबंदियां इसलिए लगाई गई थीं ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके, लेकिन केवल औपचारिकता निभाने से न तो प्रदूषण घटेगा और न ही एक्यूआई का स्तर सुधरेगा। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से अपील की कि वे ग्रेप-4 को सख्ती से लागू करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। पार्टी का कहना है कि जब तक जमीनी स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक दिल्ली को प्रदूषण की भयावह स्थिति से राहत नहीं मिल पाएगी।
–आईएएनएस
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