पुणे, 29 अगस्त (आईएएनएस)। मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। मुंबई के आजाद मैदान में मनोज जरांगे अपने हजारों समर्थकों के साथ आरक्षण की मांग को लेकर उतरे हैं। इस बीच ओबीसी समाज के नेता लक्ष्मण हाके ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी है कि अगर जरांगे की मांगें मानी गईं, तो ओबीसी समाज भी पूरे राज्य में आंदोलन करेगा।
ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके ने कहा, “अगर मराठा समाज को ओबीसी कोटे से आरक्षण देने की कोशिश की गई, तो हमारा समाज भी सड़कों पर उतर आएगा।”
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में लक्ष्मण हाके ने मनोज जरांगे के मोर्चे को “गैरकानूनी और असंवैधानिक” करार दिया। उन्होंने कहा कि मराठा समाज स्वयं को पिछड़ा वर्ग साबित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, राष्ट्रीय या राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के समक्ष कोई सबूत पेश नहीं कर सका। हाके ने आरोप लगाया कि राज्य की लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों के सांसद, विधायक और नेता मनोज जरांगे के समर्थन में खड़े हैं, जिससे यह संदेश जा रहा है कि ओबीसी समाज के आरक्षण को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मराठा समाज से ज्यादा ताकत ओबीसी समाज के पास है। उन्होंने दावा किया कि यदि मराठा समाज को आरक्षण दिया गया, तो महाराष्ट्र के ओबीसी समाज के 60 प्रतिशत लोग सड़कों पर उतरेंगे और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे। लक्ष्मण हाके ने कहा कि यह आंदोलन इतना बड़ा होगा कि पूरा महाराष्ट्र ठप पड़ जाएगा।
लक्ष्मण हाके ने कहा कि सब जानते हैं कि ये समय जाति के नाम पर लड़ने का नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ओबीसी समाज के लोग आरक्षण को लेकर कोई समझौता नहीं करेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो वे मुख्यमंत्री, सांसद और विधायकों से भी सवाल पूछने के लिए तैयार हैं।