लखनऊ, 6 जनवरी (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि एक समय एनआरसी और सीएए को लेकर देश में व्यापक बहस हुई थी और यह दावा किया गया था कि इन कानूनों से लोगों के अधिकार छिन जाएंगे या मुसलमानों को देश से बाहर किया जाएगा। लेकिन अब दो साल से ज्यादा समय बीत चुका है और एक भी मुसलमान को देश छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया गया।
राजभर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सिर्फ मुसलमानों के वोट हासिल करने के लिए ऐसे बयान देते हैं, जबकि अब इन दावों का कोई आधार नहीं बचा है।
वोटर लिस्ट को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम सूची से छूटे, ऐसा नहीं होना चाहिए और न ही किसी पर गलत आरोप लगना चाहिए। इसी वजह से समय-सीमा दो बार बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि अभी भी सभी के पास फॉर्म भरने का मौका है। यदि कोई व्यक्ति पहले चूक गया है, तो ड्राफ्ट सूची जारी हो चुकी है, उसे जांचकर फॉर्म जमा किया जा सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कोई भी मतदाता वंचित नहीं रहेगा।
राजभर ने आगे बताया कि वोटर लिस्ट में कई मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज था। जो लोग गुजर चुके थे या गांव से शहर चले गए थे, उनके नाम अलग-अलग स्थानों पर दर्ज थे, जिन्हें अब एक जगह समायोजित कर दिया गया है। इसी तरह जो लोग राज्य के बाहर बस गए थे, उनके नाम वहां और यहां दोनों जगह दर्ज थे, उन्हें भी ठीक किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान कुछ बाहरी लोगों, चाहे वे बांग्लादेशी हों, रोहिंग्या हों या अन्य देशों से आए हों, के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ की जा रही है ताकि केवल योग्य नागरिकों का ही नाम मतदाता सूची में रहे।

