नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना ने बाढ़ से प्रभावित पठानकोट और गुरदासपुर जिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का काम किया है। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने यहां अलग-अलग स्थानों से 11 नागरिकों को सुरक्षित निकाला है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित गांवों तक 2,150 किलोग्राम आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई गई है।
सभी जमीनी मार्गों से पूरी तरह कट चुके इन इलाकों में खाद्य सामग्री, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा वायुसेना ने माधोपुर बैराज से मिले एक मृतक के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक बाहर निकालकर परिजनों तक पहुंचाया। वायुसेना के इस कदम से मृतक का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ हो सका।
भारतीय वायुसेना का कहना है कि उन्होंने बाढ़ग्रस्त इलाकों में अपने मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों को निरंतर जारी रखा है। वायुसेना के साहसिक प्रयासों ने इन मुश्किल परिस्थितियों में लोगों को जीवनदान और राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
गौरतलब है कि इससे पहले पंजाब के पठानकोट में ही भारतीय सेना ने एक साहसिक और त्वरित अभियान चलाकर 22 सीआरपीएफ कर्मियों और 3 नागरिकों को सुरक्षित निकाला था। सभी व्यक्ति कई घंटों तक बाढ़ के कारण भवन में फंसे हुए थे। सेना के एविएशन हेलीकॉप्टरों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच बचाव कार्य के लिए रवाना किया गया। अभियान के दौरान सभी फंसे हुए व्यक्तियों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
इस पूरे अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस इमारत में ये सभी लोग शरण लिए हुए थे, वह इमारत बचाव कार्य पूरा होने के कुछ देर बाद ही ढह गई। यदि समय पर कार्रवाई न की जाती तो यहां एक बड़ी त्रासदी हो सकती थी।
भारतीय सेना और वायुसेना के यह सफल अभियान एक बार फिर जन-जन की सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और संकट की घड़ी में तत्परता को दर्शाते हैं। स्थानीय प्रशासन और सेना के बीच तालमेल ने यह सुनिश्चित किया कि संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सके और सभी की जान बचाई जा सके।
वहीं, जम्मू क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ में भी भारतीय वायुसेना त्वरित मानवीय सहायता एवं आपदा राहत कार्यों में जुटी हुई है। राहत कार्यों के लिए सी-130 और आईएल-76 परिवहन विमान सेवा में लगाए गए। राहत एवं बचाव कार्यों में वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर और एक चिनूक हेलीकॉप्टर भी तैनात हैं। वायुसेना यहां विभिन्न जलमग्न इलाकों से 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल चुकी है।