रांची, 31 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में शराब घोटाले से जुड़े दस्तावेज रातों-रात हटाए जाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने रविवार को इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
मरांडी ने दावा किया है कि मंगलवार की रात एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने उत्पाद विभाग से भारी मात्रा में फाइलें उठाईं और उन्हें ट्रक पर ढोकर अन्यत्र पहुंचा दिया। यह काम राज्य पुलिस और एसीबी के महानिदेशक की देखरेख में हुआ है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पत्र में सवाल उठाया कि आखिर क्यों रात के समय उत्पाद विभाग से फाइलें ट्रक पर उठाकर अन्यत्र ले जाई गईं? क्या यह कार्रवाई कुछ चुनिंदा अधिकारियों और राजनीतिक सरगनाओं को बचाने के उद्देश्य से की गई?
मरांडी ने इसे सीधे-सीधे महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने और संभावित ईडी-सीबीआई जांच से पहले भ्रष्टाचार और घोटालों के सबूत मिटाने का प्रयास बताते हुए चिंता व्यक्त की।
नेता प्रतिपक्ष ने पत्र में मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा है कि एसीबी ने पूर्व में भी कुछ फाइलें उठा ली थीं, जिसके कारण शराब दुकानों के आवंटन में अड़चन पैदा हुई और संभावित राजस्व की हानि हुई।
मरांडी का आरोप है कि यह कार्रवाई शराब घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और संचिकाओं को जानबूझकर नष्ट करने की कोशिश प्रतीत होती है, जिससे कुछ अफसर और सत्ताधारी भविष्य में बच सकें।
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि राज्य की जनता के हितों की रक्षा के लिए इस मामले में संवैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार से साक्ष्य नष्ट न होने पाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि इस कार्रवाई के पीछे किसका इशारा था और किन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है।