नोएडा, 30 अगस्त (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नोएडा सेक्टर-81 स्थित रेफी एम फाइबर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की रक्षा उपकरण एवं इंजन टेस्ट फैसिलिटी का लोकार्पण किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने ड्रोन प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह इकाई देश की सबसे बड़ी रक्षा उपकरण एवं ड्रोन निर्माण इकाई है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की मजबूत तस्वीर पेश कर रही है।
उन्होंने कंपनी की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि 2017 में मात्र 10 सदस्यों से शुरू हुई यह यूनिट आज 600 से अधिक इंजीनियर को रोजगार दे रही है और आने वाले समय में 5,000 युवाओं को अवसर उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में रेफी एम फाइबर और डीआरडीए के बनाए गए उपकरणों का सफल उपयोग हुआ। यह साबित करता है कि संकल्प, साहस और विज्ञान के मेल से असंभव भी संभव हो सकता है। भविष्य उन्हीं देशों का है, जो नवाचार, तकनीक और संस्कृति को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शस्त्र और शास्त्र के समन्वय से ही राष्ट्र मजबूत होता है। यूपी अब रक्षा उत्पादन में अग्रणी बन रहा है और नोएडा को डिफेंस हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने कहा कि पहले रक्षा उपकरणों के लिए भारत को दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। यूपी में पहले से नौ ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और चार डिफेंस पीएसयू कार्यरत हैं। साथ ही लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल केंद्र, झांसी में डीडीएल यूनिट और अमेठी में एके-203 निर्माण कार्य चल रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में छह नोड्स पर रक्षा उत्पादन का विस्तार किया जा रहा है और सरकार हर संभव सुविधा उपलब्ध कराएगी।
रेफी एम फाइबर के चेयरमैन विकास मिश्रा ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक ऐसे अत्याधुनिक उपकरण और तकनीक विकसित कर ली जाए, जिससे भारत को विदेश से लड़ाकू विमान खरीदने की आवश्यकता न पड़े। कंपनी हर महीने 150 से अधिक लॉजिस्टिक्स ड्रोन और 300 छोटे यूएवी का निर्माण कर रही है।
कार्यक्रम में सांसद डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर, विधायक पंकज सिंह और तेजपाल नागर, विधान परिषद सदस्य नरेंद्र भाटी, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी सहित सीडीएस जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार, वरिष्ठ सैन्य एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।