नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया को और भी तेज कर दिया है। बिहार एसआईआर को लेकर दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए अब केवल 1 दिन बाकी है और ऐसे में सिर्फ दो दलों से ही चुनाव आयोग को आपत्तियां मिली हैं।
चुनाव आयोग ने रविवार को इस संबंध में एक डेली बुलेटिन जारी किया है। ईसीआई के अनुसार, 1 अगस्त (दोपहर 3 बजे) से 31 अगस्त (सुबह 10 बजे) तक की अवधि में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट) (लिबरेशन) की ओर से आपत्ति मिली हैं।
ईसीआई ने बताया कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट) (लिबरेशन) की ओर से प्रारूप निर्वाचक नामावली में नाम जोड़ने के लिए 15 और हटाने के लिए 103 दावे और आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इसके अलावा, राजद की ओर से 10 आपत्तियां मिली हैं, जिनका निपटारा 7 दिन में किया जाएगा।
चुनाव आयोग के मुताबिक, निर्वाचकों से सीधे प्राप्त दावों और आपत्तियों की संख्या में 33,326 नाम जोड़ने और 2,07,565 नाम हटाने के लिए हैं। इनमें से 38,342 का निस्तारण 7 दिनों के भीतर किया गया है। इसके साथ ही, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए मतदाताओं से प्राप्त फॉर्म 6/फॉर्म 6 और घोषणा पत्र के तहत 15,32,438 दावे प्राप्त हुए, जिनमें से 81,073 का निस्तारण हो चुका है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि दावे और आपत्तियां केवल निर्धारित प्रपत्रों (फॉर्म 6 और फॉर्म 7) के माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी। सामान्य शिकायतों को बिना घोषणा-पत्र के दावा या आपत्ति के रूप में नहीं गिना जाएगा। यह प्रक्रिया पंजीकरण ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के नियम 20(3)(बी) और आरपी एक्ट 1950 की धारा 2(जी) के तहत योग्य मतदाताओं को शामिल करने और अयोग्य मतदाताओं को हटाने के लिए की जा रही है।
भारत निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे प्रारूप निर्वाचक नामावली को अंतिम रूप देने के लिए शेष समय में अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराएं। यह प्रक्रिया बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।