क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग में ईडी ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, 19 करोड़ रुपए जब्त

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अहमदाबाद, 22 जनवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), अहमदाबाद जोनल ऑफिस ने बिटकनेक्टकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े धोखाधड़ी एवं मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। 19 जनवरी 2026 को ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 19(1) के तहत सूरत के निकुंज प्रवीणभाई भट्ट (33 वर्ष) और मुंबई के संजय कोटाडिया (49 वर्ष) को गिरफ्तार किया।

दोनों आरोपियों को 20 जनवरी को विशेष पीएमएलए अदालत, अहमदाबाद के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने ईडी को 4 दिन की हिरासत मंजूर की। यह जांच सूरत के सीआईडी क्राइम पुलिस स्टेशन में शैलेश बाबूलाल भट्ट, सतीश कुरजीभाई कुंभानी और अन्य के खिलाफ दर्ज दो एफआईआर पर आधारित है। पहली एफआईआर में आरोप है कि सतीश कुंभानी और उनके सहयोगियों ने लोगों को बिटकनेक्ट कॉइन में निवेश के लिए प्रलोभित कर अपराध की कमाई की। बिटकनेक्ट एक कथित ‘लेंडिंग प्रोग्राम’ था, जिसमें निवेशकों को प्रति माह 40 प्रतिशत तक रिटर्न का झूठा वादा किया गया। प्रमोटरों को कमीशन देकर विश्वव्यापी नेटवर्क बनाया गया। निवेशकों से नवंबर 2016 से जनवरी 2018 तक क्रिप्टोकरेंसी जुटाई गई, जिसमें भारतीय निवेशक भी शामिल थे।

बिटकनेक्ट ने दावा किया कि उनका ‘वोलैटिलिटी सॉफ्टवेयर ट्रेडिंग बॉट’ फंड से ट्रेडिंग कर उच्च रिटर्न देगा, लेकिन वास्तव में कोई ट्रेडिंग नहीं हुई। फंड को प्रमोटरों के कंट्रोल वाले वॉलेट में ट्रांसफर कर लिया गया और व्यक्तिगत फायदे के लिए इस्तेमाल किया। वेबसाइट पर झूठे रिटर्न (1 प्रतिशत प्रतिदिन) दिखाकर निवेशकों को ठगा गया।

दूसरी एफआईआर में बताया गया कि निवेश रिकवर करने के लिए शैलेश बाबूलाल भट्ट और साथियों ने सतीश कुंभानी के दो सहयोगियों, पीयूष सावलिया और धवल मावानी, का अपहरण किया। धवल मावानी को छोड़ने के बदले 2254 बिटकॉइन, 11000 लाइटकॉइन और 14.5 करोड़ रुपए कैश जबरन वसूले गए।जांच में निकुंज भट्ट (शैलेश भट्ट का रिश्तेदार) को अपहरण और जबरन वसूली में शामिल पाया गया।

उसे कम से कम 266 बिटकॉइन मिले, जिनमें से 10.9 बिटकॉइन ईडी ने अटैच किए। निकुंज ने तीसरे पक्ष के क्रिप्टो खातों से 246 बिटकॉइन हैंडल किए, उन्हें एथेरियम और यूएसडीटी में बदला, और संजय कोटाडिया सहित कई वॉलेट में ट्रांसफर किए। कथित तौर पर ट्रेडिंग के लिए संजय कोटाडिया को कम से कम 23 लाख यूएसडीटी (आईएनआर 20.70 करोड़) और शैलेश से 4.5 लाख यूएसडीटी (आईएनआर 4.05 करोड़) मिले।

9 जनवरी 2026 को 5 स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसमें डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज जब्त हुए। शेयर, म्यूचुअल फंड फ्रीज किए गए और क्रिप्टो और आईएनआर में कुल 19 करोड़ रुपए जब्त किए। फोरेंसिक विश्लेषण से लेनदेन डेटा मिला, जो दोनों गिरफ्तार व्यक्तियों के बीच संबंध दर्शाता है।

दोनों आरोपियों ने जांच में असहयोग किया, अधूरी/झूठी जानकारी दी और पीएमएलए धारा 50(3) के तहत टालमटोल भरे बयान दिए। सबूत नष्ट करने और भागने के जोखिम के कारण गिरफ्तारी हुई। आगे की जांच जारी है, जिसमें क्रिप्टो ट्रांजेक्शन ट्रेसिंग और अन्य सहयोगियों की तलाश शामिल है।