सहारनपुर, 19 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने दावा किया है कि यूपी की योगी सरकार लोगों की आस्था को ठेस पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर जो हो रहा है, यह सीधे तौर पर आस्था पर हमला है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों की धार्मिक भावनाओं को कुचला जा रहा है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सहारनपुर में आईएएनएस से बातचीत की। उन्होंने कहा कि बरेली में एक घटना हुई। लोग घर में नमाज पढ़ रहे थे और पुलिस ने उन्हें उठाकर जेल भेज दिया। सबसे बड़ा मामला वाराणसी का था, जहां पूरे मंदिर तोड़ दिए गए। भगवान शिव का मंदिर तोड़ा गया। हनुमान जी की मूर्ति को ट्रैक्टर से खींचा गया। अहिल्याबाई होलकर ट्रस्ट ने यह तस्वीर जारी की है। जो मूर्ति तोड़ी गई है, उसे दोबारा स्थापित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि संघ के कार्यालय को पार्किंग देने के लिए दिल्ली में सैकड़ों साल पुराना मंदिर तोड़ दिया गया। कांग्रेस सांसद ने तंज कसते हुए पूछा कि भाजपा सरकार को मंदिर-मस्जिद पर बुलडोजर चलाते हुए दर्द नहीं होता? भाजपा को समझना चाहिए कि यह देश आस्था का देश है। अगर आस्था को ठेस पहुंचाई जाएगी तो तकलीफ होगी।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने दावा किया कि भाजपा के शासनकाल में सबसे ज्यादा मंदिर तोड़े गए, यह रिकॉर्ड में है। उनके राज में सबसे ज्यादा जमीनें छीनी गईं और अगर इस मुद्दे पर बहस करनी है, तो आइए बहस करते हैं।
दूसरी ओर उत्तर प्रदेश कांग्रेस की ओर से कहा गया कि कांग्रेस स्पष्ट करती है कि काशी की आस्था, संस्कृति और विरासत के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। सच की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस की ओर से सीएम योगी आदित्यनाथ से सवाल किया गया कि यदि मूर्ति से जुड़ा वीडियो एआई जनरेटेड है, तो इसके ठोस सबूत सार्वजनिक किए जाएं।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि वह मूर्ति कहां गई और फिलहाल किस स्थान पर रखी गई है। सरकार के अपने अधिकारी और मंत्री स्वीकार कर रहे हैं कि मूर्ति तोड़ी गई, जबकि दूसरी ओर उसे एआई वीडियो बताकर सच छिपाने की कोशिश की जा रही है। यह विरोधाभास खुद सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है।

