बीएलओ लोकशाही को मजबूत करने के असली हीरो: हर्ष सांघवी

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सूरत, 30 नवंबर (आईएएनएस)। गुजरात के उपमुख्‍यमंत्री हर्ष सांघवी ने रविवार को एसआईआर प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों (बीएलओ) से मुलाकात की। इस दौरान उन्‍होंने उनकी कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि लोकशाही को मजबूत करने के लिए पिछले 21 दिनों से पूरी टीम दिन-रात काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि लगातार काम करने की वजह से थकान भले ही दिख रही हो, लेकिन लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने की खुशी उनके चेहरों पर साफ झलक रही है। असल मायने में बीएलओ लोकशाही को मजबूत करने के असली हीरो हैं।

हर्ष सांघवी ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि वह यहां किसी का रिव्यू या सुपरविजन करने नहीं आए हैं, बल्कि अपने निर्वाचन क्षेत्र की ओर से सभी कर्मियों के समर्पण और मेहनत का सम्मान करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “ये लोग लोकशाही के पर्व को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। जिस तरह वे हर छोटे-बड़े काम का ध्यान रख रहे हैं और इस प्रक्रिया में शामिल बच्चों तक की देखभाल कर रहे हैं, वह सचमुच प्रेरणादायक है। सही मायनों में लोकशाही के इस पर्व को सफल बनाने वाले ये सभी असली हीरो हैं। मैं इन्हें सलामी देता हूं।”

उन्होंने यह भी कहा कि लगातार काम के कारण थकान होना स्वाभाविक है, लेकिन देशहित में मिल रही सफलता इस थकान को खुशी में बदल देती है। यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है।

इधर, आईएएनएस से बातचीत में एलजेपी (आर) के सांसद अरुण भारती ने बिहार में हुई एसआईआर प्रक्रिया को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे मुख्य रूप से दलित समुदाय को बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव से पहले कुछ राजनीतिक दल “नव-सामंतवाद” जैसे व्यवहार में लिप्त थे और तरह-तरह के दावे कर रहे थे।

उनके समर्थकों तक का कहना था कि कई बूथों पर इतने फर्जी वोट हैं कि दलित समुदाय का मतदान भी किसी काम नहीं आएगा।

अरुण भारती ने कहा कि एसआईआर के माध्यम से सभी फर्जी वोटों को हटाया गया, जिसके बाद दलित मतदाताओं का वोट पहली बार निर्णायक बना। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण बिहार चुनाव में दलित समाज का वोट प्रभावी साबित हुआ और एनडीए को प्रचंड बहुमत हासिल हुई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की बड़ी जीत बताया।